मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मुरादाबाद से रामपुर पहुंचे। शाहबाद में उन्होंने 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह परियोजनाएं मुख्य रूप से मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मुरादाबाद से रामपुर पहुंचे। शाहबाद में आयोजित जनसभा में उन्होंने करीब 690 करोड़ रुपये की लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह परियोजनाएं मुख्य रूप से मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री के आगमन पर भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
सपा शासन में गरीबों और दलितों की जमीनें छीनी गईं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले का रामपुर और आज का रामपुर, दोनों की तस्वीर जनता के सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब यहां गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए जाते थे। वाल्मीकि समाज के लोगों को उनकी जमीनों से जबरन वंचित कर दिया जाता था।
जब सत्ता निरंकुश हो जाती है तो वह अन्याय का पर्याय बन जाती है। समाजवादी पार्टी के शासन में दलितों और गरीबों की आवाज को दबाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि जब सत्ता जनता के हितों के खिलाफ काम करती है तो जनता उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देती है।
उन्होंने कहा कि रामपुर से जो संदेश निकला, वह पूरे उत्तर प्रदेश में पहुंचा और समाजवादी पार्टी की निरंकुशता पर जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अंकुश लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उसी का परिणाम है कि रामपुर को नई पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि रामपुर अब विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के साथ नया रामपुर भी अपनी समृद्ध विरासत और विकास की नई कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं का लाभ अब रामपुर के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रहा है और जनपद में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
भर्ती निकलते ही चाचा-भतीजे वसूली के लिए निकल पड़ते थे: योगी
रामपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में पहचान बना चुका है।
प्रदेश सबसे अधिक रोजगार देने, किसानों को सबसे अधिक अनुदान देने, युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने, खाद्यान्न, दुग्ध, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लगभग हर पैमाने पर सबसे निचले पायदान पर होता था, जबकि आज अधिकांश क्षेत्रों में पहले या दूसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी और किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर नहीं थे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी कोई सरकारी भर्ती निकलती थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी।
एक सैफई परिवार और दूसरा रामपुर का एक परिवार का विकास हुआ
योगी ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया में धांधली होती थी और न्यायालय को उस पर रोक लगानी पड़ती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकारों की निरंकुश नीतियों के कारण प्रदेश के पारंपरिक उद्योग बंद हो रहे थे। किसानों के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं थी, गरीबों के कल्याण की योजनाएं नहीं थीं और सड़क, पुल-पुलिया जैसे विकास कार्यों के लिए सरकार के पास धन नहीं होता था।
मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, “उस समय विकास केवल दो परिवारों का होता था-एक सैफई परिवार और दूसरा रामपुर का एक परिवार। बाकी प्रदेश और रामपुर की जनता विकास से वंचित रहती थी। योगी ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है, निवेश बढ़ा है, रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं और विकास का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।