
गांव चानौत में पानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर प्रशासन और धरना कमेटी के बीच ठन गई है। उपायुक्त ने अनशनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की। वहीं, अनशनकारियों ने प्रशासन पर समस्या का समाधान निकालने के बजाय उनकी आवाज को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
वहीं, गांव चानौत में पत्रकारों से बातचीत में अनशनकारियों ने अपना पक्ष रखा। अनशनकारियों ने शपथपत्र जारी करते हुए कहा कि वे किसी दबाव, प्रलोभन या बहकावे में नहीं हैं। अपनी इच्छा से गांव के पीने के पानी के अधिकार के लिए आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई गांव के वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए लड़ी जा रही है।
अनशनकारियों की बिगड़ रही सेहत
चानौत में धरना आज 35वें दिन और आमरण अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया। स्वास्थ्य जांच में 81 वर्षीय टेकराम दूहन और बलवान दूहन का रक्तचाप काफी कम पाया गया। वहीं, राजकुमार धानक की हृदयगति बढ़ने और दिलबाग दूहन को उल्टी की शिकायत बताई गई।
दिग्विजय चौटाला ने आंदोलन का किया समर्थन
जजपा के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने चानौत के आंदोलन का समर्थन किया। चौटाला ने कहा की मुख्यमंत्री का एक भी बयान चानौत की जनता के लिए नहीं आया है। युवा प्रदेशाध्यक्ष ने मांग करते हुए कहा की भाखड़ा से ही चानौत को पानी मिलना चाहिए अन्य कोई रास्ता मंजूर नहीं होगा।