
हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने फिर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। 6 से 8 अगस्त को दमकल कर्मचारी प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा ने बताया कि सरकार ने फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी देने, 1181 पे-रोल फायर कर्मचारियों को रेगुलर कर 25,500 रुपये पे-स्केल, 60 प्रतिशत डीए व अन्य भत्ते देने, सभी कौशल निगम फायर कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा गारंटी देने, सभी तरह के फायर कर्मचारियों को 5,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता व 7,500 रुपये वर्दी भत्ता देने, नियमित कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से राहत देने तथा हड़ताल अवधि को ड्यूटी पीरियड मानने जैसी मांगों पर सहमति दी थी।
यूनियन नेताओं ने कहा कि बैठक में स्वयं मंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों ने 30 जून से पहले कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने एक भी आदेश जारी नहीं किया। यूनियन प्रतिनिधिमंडल अब तक तीन बार अग्निशमन निदेशालय जाकर डीजी फायर शेखर विद्यार्थी से मुलाकात कर चुका है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जून तक लिखित आदेश जारी नहीं किए गए तो 1 व 2 जुलाई को प्रदेश के सभी मुख्य दमकल केंद्रों पर विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के सहयोग से 7 जुलाई से 22 जुलाई तक सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल रैलियां आयोजित कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सभी दमकल केंद्र अधिकारियों को 22 जून को आगामी आंदोलन का नोटिस सौंपा जाएगा।
नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार ने अपनी वादाखिलाफी जारी रखी तो प्रदेश के तमाम दमकल कर्मचारी 6, 7 व 8 अगस्त को तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। फायर कर्मचारी दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सुरक्षा करते हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे चुका है और यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आने वाला आंदोलन पहले से भी ज्यादा व्यापक और निर्णायक होगा।