अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को थाना मजीठा से अकाली वर्कर जोबन प्रीत सिंह को छुड़वाकर ले जाने के मामले में दर्ज हुए केस में अंतरिम जमानत मिली है।

अमृतसर कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को अंतरिम जमानत दे दी है। ये राहत उन्हें थाना मजीठा से अकाली वर्कर जोबन प्रीत सिंह को छुड़वाकर ले जाने के मामले में दर्ज हुए केस में मिली है।
अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। पुलिस का आरोप था कि मजीठिया और उनके समर्थकों पर थाने में हंगामा करने तथा हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को जबरी छुड़वा कर ले गए थे। इसके अलावा पुलिस का मोबाइल भी छीनने की कोशिश की गई।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मजीठिया और उनके सहयोगी केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी संबंधी जानकारी लेने थाने गए थे तथा संबंधित दस्तावेज दिखाने की मांग कर रहे थे। उनके वकील ने यह भी कहा कि मामला राजनीतिक विवाद से प्रेरित है और आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते। जिस के तहत