
चिंतन शिविर में युवाओं के नैतिक उत्थान एवं नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। प्रस्ताव पारित किया गया कि विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक नैतिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा खाप पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएं। नशे की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया जाए, जिनमें खाप प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए ताकि सरकारी प्रयासों की प्रभावी निगरानी हो सके।
21 सदस्यीय कमेटी हर खाप, संगठन, गांव व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचेगी
फैसला लिया गया कि पारित किए प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए अगले 15 दिन में 21 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रदेश के हर जिला व विभिन्न खाप एवं संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि होंगे। यह कमेटी हर खाप, संगठन, गांव व जनप्रतिनिधयों तक पहुंचेगी और चिंतन शिविर में लिए फैसलों से अवगत करवाते हुए अमल में लाए जाने पर गंभीरता से कदम उठाने के लिए माहौल तैयार किया जाएगा।
लिए गए पांच अहम फैसले
- हिंदू मैरिज एक्ट में गांव, गौत्र व गुहांड में शादी को मान्यता न दी जाए।
- लिव इन रिलेशनशिप को वैध न माना जाए, सरकारी सरंक्षण बंद हो।
- युवाओं के नैतिक पतन को रोकने के लिए शिक्षण संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम हो, अभियान चलाए जाएं।
- किसी भी धर्म, जाति का कोई व्यक्ति अर्मायादित शब्दों का प्रयोग करता है तो उसकी सर्वसमाज की ओर से निंदा हो।
- कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से किसानों व खापों से मिलकर किसान मेले व प्रदर्शनियां लगाई जाए।