Unnao Ganga Expressway Accident: गंगा एक्सप्रेसवे पर आसीवन क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में प्रयागराज के चार दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। 120 किमी की रफ्तार से दौड़ रही कार में झपकी आने के कारण चालक नियंत्रित नहीं कर सका और वह सड़क किनारे खड़े खराब ट्रक में जा घुसी।

उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर कुरसठ के पास हुए हादसे में कार की तेज रफ्तार और प्रयागराज से करीब 250 किलोमीटर सफर की थकान की वजह से आई झपकी हादसे की वजह बनी। यूपीडा की भी लापरवाही सामने आई है। गलत लेन और वाहन के अनियंत्रित होते ही गश्ती टीमों को अलर्ट भेजने वाले सभी कैमरे अभी चालू नहीं हैं। यही वजह रही कि करीब आधे घंटे पहले खराब हुए ट्रक को हटाया नहीं जा सका।
एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान चार लोगों को जान लेने वाले हादसे में कार सवारों की लापरवाही के साथ ही यूपीडा की भी अव्यवस्था सामने आई। करीब आधे घंटे पहले खराब हुए ट्रक में तेज रफ्तार कार टकराई, उस समय उसकी रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। धमाका इतनी तेज हुआ कि आसपास खेतों में मौजूद लोग चौक गए। पहुंचकर देखा तो ट्रक के नीचे चालक की सीट तक घुसी कार के परखच्चे उड़ चुके थे।
एक-एक करके घायलों को निकाला
कार सवार बुरी तरह घायल थे और पिचक गई कार में दबे थे। लोगों ने बाद में बताया भिड़ने के बाद कार के एयर बैगों के चीथड़े उड़ गए पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजे न खुलने पर कटर मशीन मंगाई। इसके बाद दरवाजों और छत को काटकर घायलों को एक-एक करके निकाला। खून से लतपथ हो चुके चारों लोगों में दो को बांगरमऊ सीएचसी और दो को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां सभी को मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल के लिए एक तरफ 32 तो दूसरी तरफ 40 किमी तय करनी पड़ी दूरी
जिस जगह पर कार हादसा हुआ वहां आसपास कोई कट न होने से पहले पुलिस को पहुंचने में ही करीब तीस मिनट का समय लगा। इसके बाद कार में फंसे लोगों को निकालने में करीब चलीस मिनट और अस्पताल पहुंचाने में करीब आधे घंटे का समय लगा। घटनास्थल से बांगरमऊ सीएचसी की दूरी 32 किलोमीटर और जिला अस्पताल की दूरी 40 किलोमीटर है।
जल्दी आस्पताल पहुंच जाते, तो शायद कुछ की जान बच जाती
लखनऊ-कानपुर हाईवे सोनिक के पास टोल कट के बाद अगला कट यहां से 50 किलोमीटर दूर बेहटामुजावर में है। जहां पर हादसा हुआ वहां से सफीपुर और मियागंज सीएचसी की दूरी महज 10 किलोमीटर है। इन दोनों सीएचसी के लिए कोई इमरजेंसी कट न होने से एंबुलेंस को पहुंचने और घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचाने में वक्त लगा। लोगों ने बताया कि अगर जल्दी आस्पताल पहुंच जाते तो, शायद कुछ की जान बच जाती।
चश्मदीद बोले- रफ्तार नियंत्रित होती तो सभी बच जाते
गंगा एक्सप्रेसवे खराब खड़े ट्रक के पीछे कार टकराने से हुए हादसे में गुजर रहे यात्री, मेरठ निवासी शरद कुमार, राहुल सिंह, मनोज रावत ने बताया कि अगर कार की रफ्तार नियंत्रित होती तो शायद हादसा न होता। बताया कि एक तरफ की सड़क तीन लेन की है और ट्रक सबसे किनारे तीसरी लेन में खड़ा था। अगर कार की रफ्तार नियंत्रित होती तो चालक ब्रेक लगा लेता या लेन बदल कर ओवरटेक करते हुए निकल जाता, लेकिन चालक के पास सोचने-समझने के लिए कुछ सेकेंड का ही समय होने से चारों की जान चली गई।
कार सवार लोगो को कैसे निकाला जाए
कुरठ निवासी किसान राजबहादुर, शिवराम ने बताया कि कार के टकराने की आवाज इतनी तेज थी कि वहां से करीब चार मीटर दूर होने के बाद भी सहम गए। पास जाकर देखआ तो कार ट्रक में घुसी थी। कुछ देर समझ नही आया कि कार सवार लोगो को कैसे निकाला जाए। तब डायल 112 पर फोन किया गया। पहले पीआरवी फिर एंबलेंस, उसके बाद दो थानों की फोर्स और यूपीडा कर्मी पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुई घटना में चार व्यापारियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संतृप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
ऐसा था पूरा हादसा
प्रयागराज से उत्तराखंड घूमने जा रहे युवकों की कार गंगा एक्सप्रेसवे पर खराब खड़े ट्रक में भिड़ गई। इससे करीब 120 किलोमीटर से जा रही कार के परखचे उड़ गए। इसमें सवार तीन व्यवसायियों समेत चार की मौत हो गई। प्रयागराज जिले के थाना फूलपुर के गांव जाफरपुर निवासी विजय पटेल (35) पुत्र मकसूदनलाल पारिवारिक भतीजे उदय पटेल (26) पुत्र रामसिंह पटेल, गांव के अनुपम (32) पुत्र अजय गुप्ता और प्रतापगढ़ के मानधाता निवासी अमन (28) कार से शुक्रवार की सुबह उत्तराखंड घूमने की बात कहकर घर से निकले थे।
खराब खड़े ट्रक में पीछे से जा भिड़ी कार
कार अनुपम चला रहे थे। ये लोग गंगा एक्सप्रेसवे से जा रहे थे। करीब 120 किलोमीटर की रफ्तार से जा रही कार शुक्रवार को शाम करीब 3:20 बजे कुरसठ गांव के सामने एक्सप्रसेव की तीसरी लेन पर खराब खड़े ट्रक में पीछे से जा भिड़ी। इससे कार के परखचे उड़ गए और कार की आवाज करीब एक किलोमीटर तक सुनाई दी। इस पर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान किसी एक्सप्रेसवे पर पहुंचे और हादसे की सूचना पुलिस को दी।
मोबाइल से घर वालों को सूचना दी गई
इस पर आसीवन थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे। आनन-फानन यूपीडा कर्मचारियों के साथ लोगों की मदद से चारों को कार से निकलवाया। इसमें से दो को एंबुलेंस से बांगरमऊ सीएचसी और दो को जिला अस्पताल भेजा। वहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों के पास मिले मोबाइल से घर वालों को सूचना दी गई। वह उन्नाव के लिए रवाना हुए।
ट्रक चालक भी हिरासत में है
फोन पर जाफराबाद के अखिलेश पटेल ने बताया कि विजय टेंट कारोबारी थे। अनुपम की मोबाइल की दुकान है। अमन उन्हीं दुकान पर काम करता था। उदय की जूता चप्पल की दुकान है और वह घर का इकलौता बेटा था। युवकों की मौत से गांव में मातम है। रएसओ प्रदीप सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में तेज रफ्तार और चालक को झपकी आने की वजह से हादसा होने का अनुमान है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ट्रक चालक भी हिरासत में है।