दो दशक से अधिक के शोध अनुभव वाली डॉ. राव इससे पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) में विज्ञान, मानक एवं विनियमन प्रभाग की सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं।

सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (ईमटेक) को स्थापना के 42 वर्षों बाद पहली महिला निदेशक मिल गई हैं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अलका राव ने वीरवार को संस्थान के पूर्णकालिक निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने डॉ. सौविक मैती का स्थान लिया है जो मार्च 2026 से संस्थान का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
दो दशक से अधिक के शोध अनुभव वाली डॉ. राव इससे पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) में विज्ञान, मानक एवं विनियमन प्रभाग की सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं। वह प्रोटीन इंजीनियरिंग और मॉलिक्यूलर माइक्रोबायोलॉजी की विशेषज्ञ मानी जाती हैं और खाद्य सुरक्षा, नियामक ढांचे व अंतरराष्ट्रीय मानकों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे चुकी हैं।
डॉ. राव दो बार 24 एशियाई देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए कोडेक्स एलीमेंटेरियस की कार्यकारी समिति की सदस्य रह चुकी हैं। नई दिल्ली के इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (आईसीजीईबी) से पीएचडी करने वाली डॉ. राव के नाम 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं। इसके अलावा उनके 15 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट दर्ज हैं। वर्ष 2023 में उन्हें सीएसआईआर वूमेन साइंटिस्ट अचीवर सम्मान से भी नवाजा गया था।
डॉ. राव दो बार 24 एशियाई देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए कोडेक्स एलीमेंटेरियस की कार्यकारी समिति की सदस्य रह चुकी हैं। नई दिल्ली के इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (आईसीजीईबी) से पीएचडी करने वाली डॉ. राव के नाम 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं। इसके अलावा उनके 15 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट दर्ज हैं। वर्ष 2023 में उन्हें सीएसआईआर वूमेन साइंटिस्ट अचीवर सम्मान से भी नवाजा गया था।