
एमडीयू के अंत:वस्त्र केस में आरोपियों को क्लीनचिट देने वाली डीएसपी की जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई है। एएसपी ने नए सिरे से जांच की सिफारिश की है जिस पर पूरे मामले की दोबारा जांच होगी। इसके लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। एसपी गौरव राजपुरोहित ने यह निर्णय लिया है। जल्द आरोपी और पीड़ित पक्ष को जांच में शामिल किया जाएगा।
इसके बाद विवि ने वितेंद्र व विनोद को बर्खास्त और श्याम सुंदर को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन एसपी ने तत्कालीन डीएसपी मुख्यालय रवि खुंडिया को जांच सौंपी थी। डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने इसी साल जनवरी में तीनों आरोपियों को अपनी जांच में क्लीनचिट दे दी थी।
विवि के सहायक सचिव श्यामसुंदर को बहाल कर दिया गया था। इसका पीड़ित पक्ष ने कड़ा विरोध जता नए सिरे से जांच की मांग की थी। एसपी गौरव राजपुरोहित ने एएसपी आयुष यादव से रिपोर्ट मांगी थी कि क्या पूरे मामले की दोबारा जांच की जानी चाहिए या नहीं।
अधिकारी के अनुसार
एमडीयू के अंत:वस्त्र केस को लेकर एएसपी की जांच रिपोर्ट आ गई है। तय किया है कि पूरे मामले की नए सिरे से धरातल से जांच की जाएगी। इसके लिए जल्द एसआईटी का गठन किया जाएगा। आरोपी व पीड़ित पक्ष के नए सिरे से बयान दर्ज होंगे। -गौरव राजपुरोहित, पुलिस अधीक्षक रोहतक।