दिल्ली के होटल अग्निकांड में आग लगने का कारण सामने आया है। होटल बिना फायर एनओसी के चल रहा था। होटल फ्लोरिश स्टे को छह कमरों की अनुमति थी लेकिन 25 रूम बना दिए गए। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।

राष्ट्रीय राजधानी में दिल दहला देने वाले हादसे में मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। इनमें 12 विदेशी नागरिक हैं। घनी आबादी वाले इलाके हौज रानी स्थित होटल फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में बुधवार सुबह लगी आग में कम से कम 28 लोग घायल हैं। इनमें 8 को वेंटिलेटर पर रखा गया है। राहत और बचाव के दौरान पुलिस समेत 13 बचावकर्मी भी जख्मी हुए हैं। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और बीएनएस की अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर देर रात होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल बिना फायर एनओसी के चल रहा था।
आग होटल के बेसमेंट स्थित रेस्तरां में सुबह करीब 8:30 बजे लगी और तेजी से ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि भूतल पर सीढ़ी के पास रखे सामान में आग लगी और तेजी से पूरी इमारत को अपने चपेट में ले लिया। इससे होटल में रह रहे लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। दहशत के चलते जान बचाने के लिए लोग भागने लगे, लेकिन आग की लपटों में घिर गए।
पूरी इमारत में धुआं फैलने से लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। इमारत में प्रवेश और निकास के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था, जिसका दरवाजा सेंसर से खुलता और बंद होता था। आग लगने से सेंसर ने काम करना बंद कर दिया। घबराहट के बीच कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से कूद गए।
स्थानीय लोगों ने सड़क पर बिछा दिए गद्दे
इस बीच, स्थानीय लोगों ने सड़क पर गद्दे बिछा दिए, जिस पर कई लोगों ने छलांग लगाई। इससे कई लोगों की जान बच गई, हालांकि उन्हें चोटें भी आई। पुलिस के अनुसार, राहत और बचाव कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से होटल में फंसे 49 लोगों को मैक्स, एम्स और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।
इनमें से 21 को बचाया नहीं जा सका। बाकी घायलों में आठ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। ज्यादातर मरीजों की मौत दम घुटने और जलने से हुई।
तो इलेक्ट्रिक चूल्हे में धमाके से लगी आग
होटल के शेफ केसर नेगी ने एक टीवी चैनल को बताया कि रेस्तरां में एक इलेक्ट्रिक चूल्हा था। जैसे ही इसे चालू किया गया, एक धमाका हुआ और एकाएक आग भड़क उठी। इससे लगा कि आग पहले से ही लगी थी। मैंने अपने सहायक को यह बात बताई। हालांकि पुलिस या फायर विभाग ने अभी तक आग लगने की वजह का खुलासा नहीं किया है।
सात घंटे तक चला बचाव अभियान
अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब पौने नौ बजे आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस व आपदा राहत इकाइयों के साथ आग बुझाने और होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। बचाव कार्य दोपहर 3:35 तक चला।
नियमों को ताक पर रखकर चल रहे होटल, सो रहे अफसर
बार-बार हो रहे हादसे
साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुल्लाजाब और अब मालवीय नगर में होटल अग्निकांड… हर बार जान-माल पर प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ रही है। इमारत गिरती है, आग लगती है, लोग मरते हैं, फिर अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं… सख्ती के आदेश देते हैं… मगर नतीजा ढाक के तीन पात…5 महीने में 45 लोग जान गंवा चुके हैं… इसके बाद भी ऐसी ही लापरवाही सामने आ रही है…
कड़े निर्देश एलजी ने दिए
दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने उच्चस्तरीय बैठक कर 4 जून से अभियान शुरू कर सभी होटलों, कोचिंग संस्थानों, नर्सिंग होम व अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानदंड की जांच के आदेश दिए हैं। इसके दायरे में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान आएंगे। फायर सेफ्टी न मिलने पर ऐसे सभी भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
तस्वीरें बयां कर रहीं हादसे की भयावहता
तस्वीरों और वीडियो में हादसे का दर्द और उसकी भयावहता साफ देखी जा सकती है। लोग जान बचाने के लिए इमारत की खिड़कियों से कूदते नजर आ रहे हैं। वहीं, जिन परिवारों ने अपनों को गंवाया, उनके चेहरे पर बेबसी का दर्द भी आंसू बनकर आंखों से बह निकले।
गुरुग्राम के एक परिवार के आठ लोगों की गई जान
हादसे में गुरुग्राम के एक परिवार के आठ लोगों की जान चली गई। पेशे से सीए विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विवेक अपने परिवार के साथ इसी होटल में ठहरे थे। सुबह पत्नी तर्जनी, बेटियों जीविशा, वारिया, मां प्रेमलता, मौसा अशोक गोयल, मौसी कमला और परिवार के सदस्य झिमरी अग्रवाल के साथ होटल के रेस्तरां में नाश्ता भी किया। आग लगी तो फंस गए और सभी की मौत हो गई। अब उनके पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है।
बेटे को गोद में लिया और कूद गई मां
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो आग में फंसी एक महिला अपने बच्चे को सीने से चिपकाकर नीचे कूद गई। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही होटल के नीचे सड़क पर गद्दे बिछा दिए थे। मां-बेटे इन्हीं गद्दों पर गिरे, जिससे उनकी जान बच गई। महिला को चोटें आईं। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे से बेहद दुखी : पीएम
आग से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
दो-दो लाख रुपये की मदद
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद की जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
