यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ मिलकर लड़ेंगे। टिकट बंटवारे को लेकर रणनीतिकारों ने मंथन शुरू कर दिया है। मेरठ जिले की सात में से दो सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती हैं। सपा चुनाव में ये मुद्दे उठा सकती है।
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समाजवादी पार्टी इस बार यूपी में विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेगी। हाल में ही लखनऊ में हुए अमर उजाला संवाद में दिए साक्षात्कार में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के बाद नए समीकरणों को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। मेरठ में भी सीटों को लेकर हलचल शुरू हो गई है।
रणनीतिकारों का अनुमान है कि जिले की सात में से पांच या छह सीटें सपा और एक या दो सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती हैं। बीते लोकसभा चुनाव में 37 सीटों पर जीत का करिश्माई आंकड़ा खड़ा करने वाले सपा प्रमुख अखिलेश के दावे ध्यान खींचने वाले हैं।
उन्होंने कहा था कि विपक्षी एकजुटता में सीटें नहीं बल्कि जीत उनका मुख्य फॉर्मूला है। सपा प्रमुख के इस एलान के बाद सियासी गलियारे, खासकर मेरठ जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मेरठ जिले के लिहाज से इस बार चुनावी मुद्दे बेहद जमीनी और तीखे हो सकते हैं।
पेपर लीक और युवाओं का भविष्य
मेरठ और आसपास के इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की एक बड़ी तादाद है। रोजगार की कमी और निष्पक्ष परीक्षाएं न होने का मुद्दा।
मेरठ बेल्ट में गन्ना किसानों की समस्याएं हमेशा से चुनाव की दिशा तय करती आई हैं। खाद-बीज के बढ़ते दाम, छुट्टा पशुओं से फसलों को नुकसान और मिलों में गन्ने के भुगतान में होने वाली देरी इस बार भी गठबंधन का मुद्दा बनेगी।
मेरठ का सराफ, कपड़ा उद्योग और बुनकर समाज आर्थिक मोर्चे पर राहत की मांग करता रहा है। बिजली दरों में बदलाव और व्यापारिक सहूलियतों की कमी के चलते छोटे व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है। इसे सपा कांग्रेस भुना सकते हैं।
सपा का पूरा फोकस पीडीए के साथ महंगाई पर आक्रामक होने की रही है। यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को महंगाई के खिलाफ लामबंद करना।
मेरठ शहर: यह सीट गठबंधन (विशेषकर समाजवादी पार्टी) की सबसे मुफीद सीटों में से है। यहां मुस्लिम और दलित मतदाताओं की अच्छी तादाद है। परंपरागत सीट सपा के खाते में ही रही है।
ठाकुर, मुस्लिम और गुर्जर बहुल यह सीट पश्चिमी यूपी की सबसे हॉट सीटों में शुमार रही है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है। यहां से सपा के मौजूदा विधायक हैं।