स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रेवाड़ी एम्स शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जबकि युवाओं को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दे दी है, जिससे इसी वर्ष संस्थान में शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सकेगा। इसी साल जुलाई माह तक एम्स में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाएं शुरू होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी में बन रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रेवाड़ी एम्स शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जबकि युवाओं को मेडिकल शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी को भी बढ़ावा देने की दिशा में सभी सिविल अस्पतालों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे अस्पताल अपनी बिजली स्वयं पैदा कर सकेंगे, बिजली खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि जींद मेडिकल कॉलेज लगभग तैयार हो चुका है और इसका हैंडओवर इसी वर्ष मिलने की संभावना है। करनाल जिले के कुटेल में बन रहा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भी अंतिम चरण में है। यमुनानगर, कैथल और सिरसा में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। जींद और कुटेल मेडिकल कॉलेजों का हैंडओवर होने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की मंजूरियां लेकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


