फिरोजाबाद में सनकी का शिकार हुए मासूम आरव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम में हैवानियत की कड़वी सच्चाई सामने आई है। मासूम का हाल देखकर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को कांप गए। रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार पटकते ही आरव के सिर के जोड़ खुल गए थे। गर्दन टूट चुकी थी। सिर और छाती की सभी पसलियां चकनाचूर मिलीं हैं। शरीर पर खुली चोट का कोई निशान नहीं था। दूसरी या तीसरी पटक में ही मौत हो गई थी।

यूपी के फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में रविवार को जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मासूम के शव का पोस्टमार्टम हुआ। डॉक्टरों के द्वारा की गई इस जांच में हैवानियत की जो कड़वी सच्चाई सामने आई है, उसने डॉक्टरों को भी झकझोर कर रख दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की बर्बरता के कारण डेढ़ साल के आरव के सिर और छाती की सभी हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर हो चुकी थीं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने चोटों की तीव्रता के आधार पर अनुमान लगाया है कि जब आरोपी विराज ने मासूम को पहली बार हवा में उछालकर पक्की सड़क पर दे मारा, तभी आरव के स्कैल्प (खोपड़ी) के सभी जोड़ खुल गए थे और वह तुरंत अचेत (बेहोश) हो गया था।
शरीर के भीतर मची तबाही, बाहर नहीं था निशान
इसके बाद दूसरी या तीसरी पटक में ही उसकी मौत हो गई होगी। रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बच्चे के शरीर पर बाहर से किसी भी खुली चोट या खून बहने का कोई निशान नहीं पाया गया।
आरोपी ने मासूम को इस कदर बेरहमी से पटका कि बाहर जख्म दिखने के बजाय उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भारी तबाही मची। आरव की गर्दन की हड्डी भी पूरी तरह टूटी हुई पाई गई। हालांकि, उसके हाथ और पैरों में किसी भी तरह के फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) का कोई निशान नहीं मिला है। पुलिस इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को कोर्ट में आरोपी विराज के खिलाफ सबसे मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है।
इंस्पेक्टर अनुज कुमार को मिली जांच की कमान
एसएसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि इस पूरे संवेदनशील और जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष व त्वरित जांच के लिए शिकोहाबाद के इंस्पेक्टर अनुज कुमार को जांच अधिकारी (आईओ) नियुक्त किया गया है। पुलिस रिमांड मंजूर होने के बाद अब जांच टीम वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों को कानूनी रूप से मजबूत करने में जुट गई है।
कातिल विराज की 14 दिन की रिमांड मंजूर
शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में शनिवार को दिनदहाड़े डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से सड़क पर आठ बार पटक कर हत्या के आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक निवासी शेखूपुर, सिविल लाइंस, बदायूं की रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश रविवार को पेशी हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी विराज की 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर कर ली है।
हालांकि, शनिवार रात पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में लगी गोली के घाव काफी गहरे हैं। इस वजह से उसे फिलहाल जिला अस्पताल फिरोजाबाद में ही कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अभिरक्षा में भर्ती रखा गया है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को आरोपी के पैरों का एक्सरे कराया जाएगा। इस एक्सरे रिपोर्ट के आने के बाद ही डॉक्टर यह तय करेंगे कि विराज का आगे का इलाज फिरोजाबाद जिला अस्पताल में ही संभव है या फिर उसे बेहतर उपचार के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ेगा। डॉक्टरों के अनुसार, पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही आरोपी को जिला जेल भेजा जाएगा।
आधी रात को बेहद गोपनीयता के साथ जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया हत्यारा विराज
आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है। लोगों के इसी गुस्से और संभावित हमले से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क नजर आ रहा है।
शनिवार रात मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच पहले संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद में भर्ती कराया था।
इसके बाद, विराज के खिलाफ गहरे जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने देर रात ही उसे बेहद गुपचुप तरीके से जिला अस्पताल फिरोजाबाद में शिफ्ट कर दिया। सुरक्षा कारणों से इस पूरी कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया, ताकि अस्पताल परिसर या रास्ते में किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
यह हुई थी वारदात
शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में शनिवार दोपहर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रिश्ते की भाभी रती से शादी करने की जिद पूरी न होने पर उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को सड़क पर बेरहमी से आठ बार पटक-पटककर मार डाला था। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार देर रात ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। मूल रूप से अरांव निवासी रती देवी की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी।
पति से अनबन के कारण वह पांच महीने से मायके में रह रही थी। इसी बीच सुमित के फुफेरे भाई विराज उर्फ जितेंद्र पाठक निवासी शेखूपुर, बदायूं ने रती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे रती ने ठुकरा दिया था। शनिवार को रती अपनी मां पिंकी देवी के साथ कानूनी राय लेने शिकोहाबाद आई थी।
आरोपी विराज भी वहां पहुंच गया था। मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने बाहर ले गया था। घर से 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर उसने मासूम को 27 सेकंड के भीतर लगातार 8 बार पक्की सड़क पर पटका। बच्चे की मौत के बाद वह शव को दरवाजे पर फेंककर भाग गया था।


