6 मई की शाम एडमोंटन शहर से एक दक्षिण एशियाई युवक का बंदूक की नोक पर अपहरण किया गया। आरोपियों ने युवक को कार में बंधक बनाकर कैलगरी पहुंचाया और उसे अपने कारोबारी दोस्त को घर से बाहर बुलाने के लिए मजबूर किया। कारोबारी ही गिरोह का असली निशाना था।

कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में फिरौती और अपहरण के एक बड़े मामले में कैलगरी पुलिस ने भारतीय मूल के 4 पंजाबी युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का कथित मास्टरमाइंड अब भी फरार है। पुलिस ने इस पूरे मामले को दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर रची गई सुनियोजित फिरौती साजिश बताया है।
पुलिस के अनुसार 6 मई की शाम एडमोंटन शहर से एक दक्षिण एशियाई युवक का बंदूक की नोक पर अपहरण किया गया। आरोपियों ने युवक को कार में बंधक बनाकर कैलगरी पहुंचाया और उसे अपने कारोबारी दोस्त को घर से बाहर बुलाने के लिए मजबूर किया। कारोबारी ही गिरोह का असली निशाना था।
जब पीड़ित युवक ने अपने दोस्त को बुलाने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने उसके साथ कार के भीतर बेरहमी से मारपीट की। इसी दौरान कारोबारी अपनी पत्नी के साथ घर से बाहर निकला तो आरोपियों ने उनका पीछा किया और बीच सड़क पर बंदूक तान दी। दंपती किसी तरह जान बचाकर वापस घर में घुस गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस की हलचल बढ़ती देख आरोपी पीड़ित युवक को वापस एडमोंटन ले गए और अगली सुबह उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए। बाद में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कैलगरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवकों की पहचान तरनवीर सिंह (24), दक्ष गौतम (25), आकाशदीप सिंह (18) और प्रदीप सिंह (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध हथियार भी बरामद किया है।
मामले का मुख्य आरोपी गगनदीप सिंह (29) अभी फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी कनाडा के नागरिक नहीं हैं। कुछ आरोपी एक्सपायर्ड वर्क वीजा और कुछ शरणार्थी दावे के आधार पर कनाडा में रह रहे थे।