UP: ‘लब पे आती है…’, प्रार्थना से पहले स्कूल में गूंजती थी ये नज्म, बच्चों को टोपी और हिजाब मामले में खुलासा

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संभल के गांव जालब सराय में स्थित पीएम श्री विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज स्कूल में बच्चियों को हिजाब और बच्चों को टोपी पहनाने के मामले में घिर गए हैं। बीएसए ने दोनों को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज की गई है।

Sambhal PM Shri School Teacher Pressure On Girls To Wear hijab boys skullcaps 3 Teachers Suspended, FIR Filed

संभल के जालब सराय के पीएम श्री विद्यालय में बच्चों को सरकार से मान्य प्रार्थना से पूर्व ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ गाने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसा दृश्य उस वीडियो में है जो अफसरों तक पहुंचा है। इसमें बच्चे हाथ जोड़ने के बजाय हाथ बांधकर इकबाल की मशहूर नज्म गाते दिख रहे हैं।

धार्मिक गतिविधियों के आरोप में फंसे सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज की भर्ती शिक्षा विभाग में उर्दू मोअल्लिम अध्यापक के रूप में हुई थी। वह वर्ष 2014 से जालब सराय के सरकारी विद्यालय में तैनात हैं। वर्तमान में यह विद्यालय पीएम श्री के रूप में संचालित है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधियां लंबे समय से की जा रही थीं। अफसरों तक फोटो-वीडियो पहुंचने पर कार्रवाई हुई है।

मार्च 2027 में प्रधानाध्यापक का रिटायरमेंट है
प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद 31 मार्च 2027 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनके खाते के मेडिकल अवकाश जो बचे हैं वह अब उनको पूरा करने में रुचि ले रहे हैं। इसलिए उनकी अब विद्यालय में उपस्थिति कम ही रहती है। खंड शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण के बाद 9 मई को वह विद्यालय पहुंचे थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार ने बताया कि जब प्रधानाध्यापक अवकाश पर रहते हैं तो उनके पास चार्ज रहता है।

सीडीओ की टीम करेगी विस्तृत जांच
सरकारी स्कूल में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले की जानकारी डीएम तक पहुंची तो उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। बीईओ स्तर की जांच के बाद भी उन्होंने सीडीओ गोरखनाथ भट्ट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति को पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में यदि कोई धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी तय है।

धर्म के नाम पर तनाव और वैमनस्य फैलाने जैसी धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
असमोली के सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पर नखासा थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट में गंभीर धाराओं का इस्तेमाल किया गया है। इसमें धारा 353(2) यानी समाज में वैमनस्य/नफरत व धर्म के नाम पर तनाव आदि फैलाना और धारा 61(2) यानी आपराधिक साजिश, दो या अधिक लोगों द्वारा मिलकर किसी अपराध की योजना बनाना शामिल है।

जूनियर शिक्षक को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से दे दिया गया प्रभारी प्रधानाध्यापक का चार्ज
कार्रवाई की जद में आए अध्यापक वालेश कुमार का कहना है कि वह वर्ष 2021 से विद्यालय में तैनात हैं। विद्यालय में प्रधानाध्यापक के अलावा पांच सहायक अध्यापक और एक शिक्षा मित्र और अनुदेशक की तैनाती है। बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों में सबसे जूनियर वह हैं और उनको ही खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से नवंबर 2025 में प्रभारी प्रधानाध्यापक का चार्ज दे दिया गया।

खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिखित में इस जानकारी से अवगत कराया लेकिन चार्ज सीनियर को नहीं दिया गया। 30 जनवरी 2026 को बीएसए कार्यालय में भी चार्ज गलत देने की जानकारी दी लेकिन चार्ज नहीं हटाया गया। अब इस चार्ज के चलते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपने विरुद्ध कार्रवाई को गलत बताया है।
बीएसए का बयान
पीएम श्री विद्यालय की वीडियो वायरल होने के बाद मामला संज्ञान में आया था। वीडियो में स्पष्ट था कि हिंदू छात्राओं को भी हिजाब पहनाया गया और छात्रों को टोपी पहनाई गई। इसी क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी संभल को निरीक्षण के लिए भेजा था। निरीक्षण के दौरान भी लापरवाही सामने आई। इसी क्रम में तीन शिक्षकों को निलंबित किया है। धार्मिक गतिविधियां करने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।– अलका शर्मा, बीएसए, संभल

यह था पूरा मामला
संभल के गांव जालब सराय में स्थित पीएम श्री विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज स्कूल में बच्चियों को हिजाब और बच्चों को टोपी पहनाने के मामले में घिर गए हैं। बीएसए ने दोनों को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। निलंबन की कार्रवाई प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार के खिलाफ भी हुई है। वह इस तरह की गतिविधियां न रोकने और उच्चाधिकारियों को सूचना न देने के दोषी माने गए हैं।

बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि इस आशय का वीडियो सात मई को वायरल हुआ था। जांच के लिए संभल के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अंशुल कुमार आठ मई को विद्यालय पहुंच गए थे। बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद मिली बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
इस मामले की जांच करने वाले बीईओ ने बताया कि उनके विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज अनुपस्थित मिले थे। बताया गया कि प्रधानाध्यापक चिकित्सा अवकाश पर हैं।

वालेश कुमार के पास प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी थी। जब बच्चों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक विद्यालय परिसर में मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दे रहे हैं। हिंदू छात्रों को टोपी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए कहा जाता है। सजदा करना भी सिखाया जाता है।

बीईओ ने माना कि मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक मोहम्मद गुल एजाज विद्यालय में मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। उनकी इसी रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने निलंबन का आदेश दे दिया। वालेश कुमार ने इन गतिविधियों की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी और एेसी गतिविधियां रोकने की कोशिश नहीं की। इसीलिए उन पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है।

साथ ही बीईओ अंशुल कुमार की ओर से नखासा थाने में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। असमोली के सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Author: ILMA NEWSINDIA

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