ग्रामीणों का आरोप था कि जलघर के लिए जमीन देने के बदले अस्पताल बनवाने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह अपने वादे से पीछे हट गए। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण कई बार जिला मुख्यालय और रामपुरा हाउस तक प्रदर्शन करने पहुंचे थे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार दोपहर को गांव गोकलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित भंडारे और शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उनके साथ मंत्री राव नरबीर सिंह और पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का विरोधी माना जाता है, जिससे इस कार्यक्रम के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
गोकलपुर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री रामगढ़-भगवानपुर में चल रहे धरना स्थल पर भी पहुंचे। यहां ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्टेडियम, आयुर्वेदिक कॉलेज समेत अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने 319 दिनों से चल रहा धरना समाप्त कर दिया। यह धरना गांव में 200 बेड के सरकारी अस्पताल की मांग को लेकर शुरू किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप था कि जलघर के लिए जमीन देने के बदले अस्पताल बनवाने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह अपने वादे से पीछे हट गए। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण कई बार जिला मुख्यालय और रामपुरा हाउस तक प्रदर्शन करने पहुंचे थे। धरने के दौरान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का चुनावी कार्यक्रम भी तय है। वह सैनी स्कूल में ज्योतिबा फूले की 200वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे और सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद धारूहेड़ा में रोड शो कर भाजपा प्रत्याशी अजय जांगड़ा के लिए वोट मांगेंगे।