दीपू अकालगढ़ के भाई की चिट्टे की ओवरडोज से मौत हो जाने के बाद उसने कई नशा तस्करों को पकड़वाया था, जिसके चलते आए दिन वो सुर्खियों में रहता था।

अकालगढ़ कलां गांव के युवक ने अपने घर में छत से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। थाना सुधार की पुलिस ने शनिवार सुबह शव को फंदे से उतार पंचनामा करवाया और पोस्टमार्टम के लिए लुधियाना के सिवल अस्पताल भिजवा दिया है। मृतक की पहचान अमरजीत सिंह उर्फ दीपू अकालगढ़ (35) के तौर पर हुई है। शव के पास या घर से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान पर कानूनी कार्रवाई कर दी है।
अमरजीत सिंह दीपू अकालगढ़ के खिलाफ जबरी वसूली की कोशिश का मुकदमा दर्ज था और वो कुछ दिन पहले ही लुधियाना केंद्रीय जेल से जमानत पर बाहर आया था। दीपू की पत्नी ने पुलिस को बताया कि जेल से आने के बाद से वह मानसिक तनाव में था और बहुत परेशान रहता था। शुक्रवार रात सभी कूलर लगाकर बाहर आंगन में सो रहे थे, रात को किसी समय दीपू घर के अंदर गया और छत से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह जब वह अंदर गई, तो देखा दीपू का शव लटक रहा था। उन्होंने तुरंत अकालगढ़ गांव की पंचायत और थाना सुधार की पुलिस को सूचित किया।
मृतक की पत्नी ने किसी पर शक जाहिर नहीं किया और कहा कि उनकी किसी के साथ कोई दुश्मनी भी नहीं है। थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी के बयान पर फिलहाल 174 के अधीन कानूनी कार्रवाई की है। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई भी अन्य तथ्य या संदिग्ध बात सामने आती है तो मुकदमा दर्ज करके जांच की जाएगी।
दीपू अकालगढ़ के भाई की चिट्टे की ओवरडोज से मौत हो जाने के बाद उसने कई नशा तस्करों को पकड़वाया था, जिसके चलते आए दिन वो सुर्खियों में रहता था। दीपू पुलिस थानों में लोगों के फैसले करवाने लगा और इसी दौरान उसके और दो पत्रकारों के खिलाफ जबरी वसूली की कोशिश का मुकदमा दर्ज हुआ था। दीपू पिछले दिनों जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद से चुप रहने लगा था।