Unnao News: मंगेतर सूरज की खुदकुशी के बाद ससुराल में मिले तानों और घर में हुई पिटाई से आहत होकर युवती कोमल ने जहर खाकर जान दे दी। थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ला ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। दोनों के परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है।

उन्नाव जिले में अचलगंज थाना क्षेत्र के मोहद्दीनपुर गांव में युवती ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसने यह कदम बृहस्पतिवार को मंगेतर की आत्महत्या के बाद उसके परिजनों के आरोपों और युवक की मौत का जिम्मेदार ठहराने के बाद उठाया। युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग और युवती के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डंडे से पीटने की चोटें और जहर खाने से मौत की पुष्टि हुई है।
पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अचलगंज थाना के मोहिद्दीनपुर गांव निवासी संतोष की बेटी कोमल (22) ने बृहस्पतिवार की रात जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने उसे उन्नाव के नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बेटी की जिद पर मंगेतर के घर गए थे
पिता ने बताया कि कोमल की शादी गौरी त्रिभानपुर गांव निवासी महेश के बेटे सूरज (25) से तय हुई थी। 16 फरवरी को गोद भराई की रस्म भी हो गई थी। बृहस्पतिवार की सुबह सूरज ने करीब 11 बजे आंगन में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटी कोमल की जिद पर उसे लेकर मंगेतर के घर गए थे।
पोस्टमार्टम में डंडे से पीटने से आई चोटों की पुष्टि
वहां सूरज के परिवार की महिलाओं ने कोमल को उसकी मौत का जिम्मेदार बताते हुए खूब खरीखोटी सुनाई। इसके बाद वह पिता के साथ घर लौटी और रात में कीटनाशक खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने पिटाई की बात नहीं बताई। हालांकि पोस्टमार्टम में डंडे से पीटने से आई चोटों की पुष्टि हुई है।
दोनों के मोबाइल फोन की जांच कराने की मांग
चर्चा है कि मृतक के परिजनों के लगाए आरोपों से नाराज घरवालों ने युवती की पिटाई की थी। बेटी की मौत से मां शिवकांती, बहन काजल, सुनयना और भाई शिवम बेहाल हैं। उधर, मृत युवक के पिता ने दोनों के मोबाइल फोन की जांच कराने की मांग की है। थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ला ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। दोनों के परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है।
आपत्तिजनक मैसेज करने वाले का पता लगा रही पुलिस
सूरज के पिता महेश ने आरोप लगाया कि बेटे के मोबाइल पर युवती के गांव के ही किसी युवक ने आपत्तिजनक मैसेज किए थे। इसी को लेकर सुबह सूरज और कोमल के बीच करीब एक घंटे बात हुई थी। जांच में पता चला कि सूरज की आखिरी बार कोमल से ही बातचीत हुई थी।
मंगेतर पर आपत्तिजनक आरोपों से सूरज आहत था
दोनों में क्या और किस विषय को लेकर एक घंटे तक बातें हुईं, इसका पता अभी नहीं चल सका है। कोमल से बात करने के बाद सूरज ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फंदा लगाकर जान दे दी। पिता महेश का आरोप है कि मंगेतर पर आपत्तिजनक आरोपों से सूरज आहत था।
भाई के फोन से बात करती थी कोमल
कोमल के पिता संतोष ने बताया कि कोमल के पास खुद का फोन नहीं था। वह भाई शिवम के फोन से सूरज से बात करती थी। घरवाले ज्यादा देर तक बात करने से मना करते थे। बताया कि सूरज की मौत की जानकारी होते ही कोमल की हालत बिगड़ गई थी और वह बेहोश हो गई।
कोमल को शव तक नहीं छूने दिया
इसके बाद वह सूरज को आखिरी बार देखने के लिए साथ लेकर चलने की जिद करने लगी। इस पर उसे गौरी त्रिभानपुर ले गए थे। सूरज के परिजनों ने बेटी को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया और बहुत भला-बुरा कहा। कोमल को शव तक नहीं छूने दिया। घर लौटकर बेटी ने भी जान दे दी।
खेती करता था सूरज, माता-पिता शिक्षामित्र
सूरज खेती करने के साथ ही ट्रैक्टर भी चलवाता था। पिता महेश और मां गीता दोनों शिक्षामित्र हैं। पिता के अनुसार बृहस्पतिवार शाम को स्कूल से घर पहुंचने पर घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार दस्तक दी पर नहीं खोला। सूरज का फोन मिलाया] तो स्विच ऑफ था। भतीजा सुधीर घर की छत से पहुंचा, तो सूरज का शव फंदे से लटका मिला था।