चीमा खुर्द निवासी वरिंदर सिंह उर्फ राजा ने बताया कि उसके पिता खजान सिंह मजदूरी करते थे। उनके गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए थे। उसके पिता ने बीच बचाव किया था।

तरनतारन जिले के सीमांत गांव चीमा खुर्द में खजान सिंह (50) नामक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। खजान सिंह ने दो गुटों के झगड़े में बीच-बचाव किया था। इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई।
चीमा खुर्द निवासी वरिंदर सिंह उर्फ राजा ने बताया कि उसके पिता खजान सिंह मजदूरी करते थे। उनके गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए थे। राजा ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे उसके पिता खजान सिंह अपने घर के बाहर मौजूद थे। तब कुछ लोगों ने लोहे के कड़े से सुखमन सिंह व जोबनजीत सिंह पर हमला कर दिया। इससे वे दोनों लहूलुहान हो गए। उसके पिता ने आरोपियों को ऐसा करने से मना किया। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
कुछ देर बाद हुसनप्रीत सिंह उर्फ हुसन, भलिंदर सिंह भीखी, यादू चीमा, तोता सिंह व 11 अज्ञात लोग दोबारा हथियारों से लैस होकर आए। दो युवकों ने पिस्टल से गोलियां चलानी शुरू कर दीं। एक गोली उसे पिता खजान सिंह के सिर पर लगी जिससे उनकी मौत हो गई।
खजान सिंह के परिवार वालों ने उक्त गुंडागर्दी के खिलाफ थाना सराय अमानत खां के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जिसमें कांग्रेस के हलका इंचार्ज करनबीर सिंह बुर्ज, ब्लाॅक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गुरपाल सिंह जगतपुर, सरपंच गुरचरन सिंह खैरदीनके, मलकीत सिंह, गुरभेज सिंह चीमा, कुलजीत सिंह, गुरसेवक सिंह भी शामिल हुए। एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि खजान सिंह के बेटे के बयान पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।