एजेएल से जुड़े इस प्रकरण में जमीन आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच की जा रही थी।

हरियाणा के चर्चित एजेएल मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंचकूला स्थित विशेष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अदालत ने दोनों नेताओं को सभी आरोपों से मुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया है। इस फैसले के साथ ही उनके खिलाफ इस मामले में चल रही कानूनी कार्यवाही पूरी तरह समाप्त हो गई है।
एजेएल से जुड़े इस प्रकरण में जमीन आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच की जा रही थी। मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोहरा को आरोपी बनाया गया था। बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार ने बताया कि अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद पाया कि आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। इसी आधार पर दोनों नेताओं को डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले 25 फरवरी को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद पंचकूला की ईडी अदालत में डिस्चार्ज की अर्जी दायर की गई थी, जिस पर अब अंतिम फैसला आया है।