नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग कर उनकी जान लेने की कोशिश की गई। डॉ. फारूक बाल-बाल बच गए। एनएसजी कमांडो से अगर चंद सेकंड की भी देरी होती तो कुछ भी हो सकता था।

कमल सिंह जम्वाल पिछले दो दशक से कत्ल का मंसूबा पाले बैठा था। बुधवार की रात को उसने अपनी उस घटिया साजिश को अंजाम देने की कोशिश भी कर डाली। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाले इस हमलावर ने पुलिस के सामने जो कबूलनामा किया है वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
फारूक जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में शादी समारोह में पहुंचे थे। इसमें आरोपी कमल सिंह जम्वाल भी पहुंचा था। इसी दौरान मौका पाते ही उसने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। इसमें फारूक बाल-बाल बच गए।
फारूक के सुरक्षा गार्डों की ओर दबोचे जाने के बाद पुलिस ने शुरुआती पूछताछ में आरोपी कमल सिंह जम्वाल के चेहरे पर अपने किए का कोई पछतावा नहीं नजर आया। उसने कहा कि वह निजी कारणों से पिछले 20 साल से डॉ. फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। उसने ये भी कहा कि फारूक की हत्या करना उसका अपना मकसद है।
उसने बताया कि उसके चचेरे भाई शत्रुजीत सिंह के बेटे की शादी थी। वह खुद उसमें आमंत्रित था। आज उसे फारूक को मारने का मौका मिला लेकिन प्रयास विफल हो गया। उसने बताया कि वह कोई काम नहीं करता है, दो दुकानें हैं कपड़ों की जिनका किराया आता है। उसी से खर्च चलता है।
जम्मू में पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है आरोपी
बताया जाता है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल पुत्र अजीत सिंह जम्वाल पुरानी मंडी का रहने वाला है। यह शुरू से ही राजनीति में सक्रिय रहा है। पहले वह जम्मू-कश्मीर नेशनल पेंथर्स पार्टी में था। तब उसने पार्टी के टिकट पर पुरानी मंडी के वार्ड नंबर 11 से पार्षद का चुनाव लड़ा था।
लोग बोले-पटाखों के धमाके और डीजे की धुन में कुछ पता ही नहीं चला
शादी समारोह में पहुंचे लोगों ने कहा कि पटाखों के धमाके और डीजे की धुन में पहले कुछ पता ही नहीं चला। गहमागहमी और समारोह में हलचल दिखी तो सबका ध्यान घटना पर गया। पटाखों के धमाके और संगीत के शोर के बीच लोगों की जब पता चला तो कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। संगीत और पटाखों का शोर बंद हो गया। इस बीच, पहुंची पुलिस ने सभी को धैर्य रखने को कहा और जांच में जुट गई।
अल्लाह का करम है… सब बचाव हो गया
घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने कहा कि अल्लाह का करम है, सब बचाव हो गया। सभी की दुआओं से सब सुरक्षित हैं। डॉ. फारूक अब्दुल्ला एकदम ठीक हैं, वे गुरुवार को बात करेंगे।
पार्टी के लीगल सेल के सदस्य की बेटी की शादी में पहुंचे थे सभी
डॉ. फारूक अब्दुल्ला समेत सभी नेता पार्टी के लीगल सेल के सदस्य की बेटी की शादी में पहुंचे थे। वे करीब एक घंटे तक यहां रुके थे। जब सभी वापस लौट रहे थे तभी पीछे से आकर कमल सिंह जम्वाल ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पिस्तौल तानी। तभी सुरक्षा कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे धक्का देकर गिराया। ऐसे में गोली हवा में चल गई। इसके बाद कमल सिंह को दबोच लिया गया और फिर पुलिस को सौंप दिया।
समारोह स्थल हुआ मेहमानों से खाली
घटना के बाद समारोह स्थल मेहमानों से खाली हो गया। सिर्फ परिजन की मौजूदगी में विवाह कार्यक्रम आगे बढ़ा। घटना के बाद ज्यादातर मेहमान चले गए। मौके पर सिर्फ परिजन रह गए और शांतिपूर्वक समारोह संपन्न हुआ।
जांच होनी चाहिएः सतीश
कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा देर रात सोशल मीडिया पर लाइव थे। उन्होंने कहा कि घटना की जांच होनी चाहिए। कौन लोग है और क्या वजह है हमले की, इसका पता लगाया जाना चाहिए।
कानून व्यवस्था हाथ में नहीं लेनी चाहिए
विधान परिषद के पूर्व सदस्य विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि फारुक पर हमले में सुरक्षा चूक की जांच होनी चाहिए। कानून को अपने हाथ में लेना स्वीकार नहीं किया जा सका।
पता लगाएं कि चूक कहां हुई
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतनलाल गुप्ता ने कहा- ईश्वर का शुक्र कीजिए कि साहब ठीक-ठाक हैं। पुलिस से हमारी मांग है कि गहनता से जांच करें और पता लगाएं की चूक कहां हुई।
डॉ. फारूक पर फायरिंग कर जान लेने की कोशिश, बाल-बाल बचे
नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग कर उनकी जान लेने की कोशिश की गई। डॉ. फारूक बाल-बाल बच गए। एनएसजी कमांडो से अगर चंद सेकंड की भी देरी होती तो कुछ भी हो सकता था। हमला उस वक्त हुआ जब वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के साथ वापस लौट रहे थे। जम्मू के पुरानी मंडी निवासी हमलावर कमल सिंह जम्वाल को मौके पर ही दबोच लिया गया।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला, डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी के साथ ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। समारोह में शिरकत करने के बाद दोनों नेता बाहर निकलकर गाड़ियों की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच हमलावर डॉ. फारूक के बेहद करीब पहुंच गया और अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली।
वह डॉ. फारूक की कनपटी से सटाकर गोली दागने ही वाला था कि एनएसजी कमांडो ने आरोपी को धक्का दिया जिससे वह लड़खड़ाकर गिरा और उसका निशाना चूक गया। अचानक हुई फायरिंग से शादी समारोह में चीख-पुकार मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घटना पर नेकां व अन्य दलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है।