मांडोली गांव में चार दिन से लापता किसान का शव गेहूं के खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार हिम्मताराम 4 मार्च की सुबह करीब 10 बजे धुलंडी खेलने के लिए घर से निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने आसपास के गांवों और रिश्तेदारों में उसकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। लगातार चार दिन तक तलाश के बाद परिजनों ने 8 मार्च को थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई।
मंगलवार दोपहर परिजन उस खेत में पहुंचे, जहां हिम्मताराम बंटाई (भावली) पर खेती करता था। खेत में पहुंचते ही उन्हें तेज बदबू आने लगी। इसके बाद परिजन फसल के बीच जाकर तलाश करने लगे। तलाश के दौरान गेहूं की फसल के बीच हिम्मताराम का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। शव कई दिनों पुराना होने के कारण काफी सड़-गल चुका था।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जानकारी मिलने पर शंकरलाल मसूरिया और रामसीन थानाधिकारी अरविंद कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि हिम्मताराम ने गांव के ही भाखाराम प्रजापत का खेत बंटाई पर लिया हुआ था और उसी खेत में गेहूं की फसल लगाई थी। वह अधिकतर समय खेत पर ही रहकर सिंचाई और अन्य कृषि कार्य करता था।
प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि खेत पर काम करते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई होगी, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।