UP Weather News: नमी भरी पुरवा से छाया धुंध का साया, बूंदाबांदी के भी आसार; 18 साल बाद मार्च में लौटा ऐसा मौसम

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UP Weather Update: नमी भरी पुरवाई चलने से कई जिलों में धुंध का साया रहा। विक्षोभ के असर से 15 मार्च को बूंदाबांदी के भी आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 साल बाद मार्च में ऐसा मौसम लौटा है। आगे पढ़ें मौसम का पूर्वानुमान…

Up Weather News:नमी भरी पुरवा से छाया धुंध का साया, बूंदाबांदी के भी आसार;  18 साल बाद मार्च में लौटा ऐसा मौसम - Humid Easterly Wind Cast Haze Over Up  With Drizzle

उत्तर प्रदेश में बुधवार को भी सुबह मौसम का मिजाज बदला सा नजर आया। सुबह के समय राजधानी लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में घनी धुंध छाई रही। कई जगह दृश्यता काफी कम रही। इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में छाई घनी धुंध की चादर ने लोगों को चौंका दिया था। कई जिलों में दृश्यता काफी कम हो गई थी।

प्रयागराज में दृश्यता घटकर 30 मीटर रह गई, जबकि अमेठी में 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में 500 मीटर तक सीमित रही। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद समेत कई शहरों में भी सुबह धुंध की चादर छाई रही।

हल्की से मध्यम बारिश के आसार

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, नमी से भरी पूर्वा हवाओं और हवा में धूल कणों के फंसने के कारण यह स्थिति बनी है। 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

प्रदेश में बढ़ते तापमान की बात करें तो मंगलवार को बांदा में सर्वाधिक 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं आगरा और झांसी में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। 24.6 डिग्री के साथ वाराणसी में सबसे गर्म रात रही।

मार्च 2008 में भी हुआ प्रदेश में ऐसा धुंध भरा मौसम

अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नमी भरी पूर्वा हवाओं की वजह से मार्च 2008 में भी ऐसा मौसम देखने को मिला था। यह सामान्य मौसमी घटना है।

मार्च में कोहरे और धुंध ने बढ़ाई लोगों की चिंता

अमेठी के फुरसतगंज क्षेत्र में मार्च महीने में कोहरे और धुंध ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। होली के बाद भी लगातार तीन दिनों से कोहरा छाए रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय घना कोहरा होने के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। वहीं सांस के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है।

इसके अलावा किसानों को भी फसलों को लेकर चिंता सताने लगी है। स्थानीय ग्रामीण रामनरेश साहू, राजेश सिंह, रामसागर और शिव बहादुर का कहना है कि होली के बाद कभी कोहरा नहीं पड़ता था, लेकिन इस बार मार्च में भी कोहरा पड़ना समझ से परे है। लोगों का कहना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

 

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Author: ILMA NEWSINDIA