लखनऊ के सिसेंडी गांव में घर में घुसकर दिव्यांग मां-बेटे की हत्या कर दी गई। महिला का शव बिस्तर के नीचे पड़ा मिला। उसके कपड़े अस्तव्यस्त थे। बेटे का सिर पानी भरे टब में डूबा था। उसके कपड़े भी फटे थे। घटनास्थल के हालात हत्या से पहले संघर्ष का इशारा कर रहे हैं।

राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना इलाके के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर में घुसकर एक दिव्यांग मां और उसके बेटे की निर्मम हत्या कर दी गई। घटनास्थल के भयावह हालात हत्या से पहले हुए संघर्ष की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सिसेंडी गांव निवासी रेशमा बानो (45) अपने 18 वर्षीय बेटे शादाब के साथ रहती थी। रेशमा एक आंख से दिव्यांग थीं और घर के बाहर एक गुमटी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। वहीं, उनका बेटा शादाब दोनों आंखों से दृष्टिहीन था। कोरोना महामारी के दौरान रेशमा के दूसरे पति इकबाल की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से वह अपने पति के मकान में बेटे के साथ रह रही थी।
सोमवार शाम करीब छह बजे, रेशमा के बहनोई शब्बू ने फोन पर रेशमा से बात की। इसी दौरान उन्हें लगा कि किसी ने रेशमा का फोन छीन लिया है। शब्बू ने तुरंत रेशमा के रिश्तेदार सलमान को फोन कर घर जाकर हाल जानने को कहा। सूचना मिलते ही सलमान अपने भाई फरहान के साथ रेशमा के घर पहुंचे।
घर के दरवाजे पर बाहर से कुंडी लगी हुई थी। जब मां-बेटे कहीं दिखाई नहीं दिए, तो दोनों भाई अंदर गए। अंदर का दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था। रेशमा बानो का शव चारपाई के नीचे पड़ा मिला, जिसका कुछ हिस्सा कंबल से ढका हुआ था। वहीं, पास में ही उनके बेटे शादाब का शव भी बरामद हुआ, जिसका सिर पानी से भरे एक टब में डूबा हुआ था। दोनों के कपड़े फटे हुए थे, जो किसी संघर्ष का संकेत दे रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी विकास कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पड़ोसियों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के हालात के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि शादाब को पानी भरे टब में डुबाकर मारा गया है, जबकि रेशमा बानो की भी गला घोंटकर हत्या की गई हो सकती है।
पुलिस जांच में संपत्ति का एंगल, करीबी पर शक
राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के सिसेंडी गांव में हुई मां-बेटे की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में कई अहम बिंदु सामने आए हैं, जिनमें संपत्ति विवाद और मृतक महिला के करीबियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। घटना के पीछे किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है जो मृतक महिला के पारिवारिक और निजी जीवन से परिचित हो।
संपत्ति पर नजर और संदिग्ध परिचित
मृतका रेशमा के दूसरे पति इकबाल पठान की मृत्यु के बाद से ही उनकी संपत्ति पर कई लोगों की नजर थी। पड़ोसियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि रेशमा का एक परिचित अक्सर उनसे मिलने उनके घर आया करता था। पुलिस इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह परिचित कौन था और उसका रेशमा से किस प्रकार का संबंध था।
कॉल डिटेल से खुलेंगे राज?
एसीपी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि रेशमा का मोबाइल फोन घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब इस फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के संपर्क में थी और किससे बात करती थी। कुछ करीबी लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जिनकी पहचान और पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कॉल डिटेल से मिले सुराग जल्द ही वारदात का पर्दाफाश करने में मदद करेंगे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और विवाद
पड़ोसियों के अनुसार, रेशमा की पहली ससुराल खदरा में थी और इकबाल से शादी करने के बाद वह सिसेंडी में रह रही थीं। शादाब, जो मृतक है, रेशमा का पहले पति का बेटा था। परिजनों का यह भी कहना है कि रेशमा के घर के सामने रहने वाला एक मजदूर अक्सर उन्हें परेशान करता था और शादी का दबाव बनाता था। इससे संबंधित विवाद भी हुए थे। पुलिस इस मजदूर की भी तलाश कर रही है।
अनसुनी चीखें और करीबी पर शक
घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ में किसी ने भी शोर-शराबा या किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि सुनने से इनकार किया है। इस बात से इस आशंका को बल मिलता है कि हत्यारे या तो बेहद करीब से परिचित थे या उन्होंने किसी ऐसे समय में वारदात को अंजाम दिया जब शोर-शराबा सामान्य था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह भी पता लगा रही है कि रेशमा के किन लोगों से विवाद थे।
पुलिस के पहुंचने में देरी का आरोप
मृतका रेशमा की बहन अफसाना ने पुलिस पर घटनास्थल पर पहुंचने में एक घंटे की देरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने पुलिस चौकी को सूचित कर दिया था, लेकिन पुलिसकर्मी काफी देर से पहुंचे। पड़ोसियों के अनुसार, घटना के समय शाम को मिनी सचिवालय में फॉगिंग चल रही थी, जिसके कारण काफी शोर हो रहा था। इसी शोर का फायदा उठाकर हत्यारे ने वारदात को अंजाम दिया होगा, ऐसी आशंका जताई जा रही है।

