चंडीगढ़ के कुमार ब्रदर्स से 2018 में भी रंगदारी मांगी गई थी। गैंगस्टर संपत नेहरा ने कंपनी के डायरेक्टर को व्हाट्सएप कॉल कर तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।

पुलिस को सूचना मिली है कि सेक्टर-11 की मशहूर केमिस्ट शॉप कुमार एंड कंपनी और कुमार ब्रदर्स को गैंगस्टरों की ओर से निशाना बनाया जा सकता है। फायरिंग की आशंका को देखते हुए तीन दिन से पुलिस ने दोनों दुकानों के बाहर पीसीआर तैनात कर दी है और आसपास सादी वर्दी में पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे हैं।
सेक्टर-11 थाना एसएचओ जसपाल सिंह भुल्लर का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी भी प्रकार की शिकायत हमारे पास दर्ज नहीं हुई है।
सोनीपत से गिरफ्तार शातिर से पूछताछ में हुआ था खुलासा
पुलिस को यह इनपुट हाल ही में सोनीपत से गिरफ्तार गोल्डी बराड़ गैंग के एक गुर्गे से पूछताछ के दौरान मिला है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि सेक्टर-11 की इन दोनों दुकानों को निशाना बनाने की योजना थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
दुकान के मालिक के बेटे शरुण ने बताया कि पुलिस खुद उनके पास पहुंची और उन्हें संभावित खतरे के बारे में आगाह किया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले दुकान के नंबर पर एक वॉयस रिकॉर्डिंग भी आई थी जिसमें कहा गया था, बहुत पैसा कमा लिया, अब टैक्स देने का समय आ गया है। उन्होंने इस कॉल का कोई जवाब नहीं दिया और नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दिया था। शरुण ने बताया कि उस समय भी वह मामले को लेकर पूर्व एसएसपी और सेक्टर-11 थाना प्रभारी से मिले थे।
विदेशी नंबरों से कॉल, तीन नंबर पुलिस को दिए
शरुण के अनुसार हाल में पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें किसी तरह की धमकी मिली है। इस पर उन्होंने ब्लॉक लिस्ट में मौजूद तीन विदेशी नंबर पुलिस को उपलब्ध कराए जिनसे पहले कॉल आ चुकी हैं। इनमें से एक नंबर के व्हाट्सएप प्रोफाइल पर ‘जीबी’ लिखा था। इसी नंबर से कई बार कॉल आई लेकिन उन्होंने नहीं उठाई। उसी दौरान व्हाट्सएप पर भेजी गई रिकॉर्डिंग में रंगदारी की धमकी दी गई थी। शरुण का कहना है कि ‘जीबी’ से उनका इशारा गोल्डी बराड़ की ओर हो सकता है। हालांकि उन्होंने उस समय नंबर को ब्लॉक कर दिया था।
पहले भी मांगी जा चुकी है रंगदारी
कुमार ब्रदर्स से रंगदारी मांगने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2018 में गैंगस्टर संपत नेहरा ने कंपनी के डायरेक्टर को व्हाट्सएप कॉल कर तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। उस समय सेक्टर-11 थाना में मामला दर्ज हुआ था और कारोबारियों को सुरक्षा भी दी गई थी। संपत नेहरा चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड एएसआई का बेटा है, जो बाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आकर अपराध जगत में सक्रिय हो गया था।
शहर में बढ़ती रंगदारी की वारदात
हाल के महीनों में शहर में कारोबारियों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। सेक्टर-36डी निवासी कारोबारी लोहित बंसल से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। इसके अलावा 16 जनवरी की रात सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी और सेक्टर-21 में एक बिल्डर के घर पर फायरिंग कर रंगदारी मांगी गई थी।
दिसंबर में सेक्टर-37 के एक शराब कारोबारी से एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी जबकि नवंबर में मोहाली के होटल कारोबारी तारा सिंह के घर के बाहर भी फायरिंग की घटना हुई थी। वहीं 26 नवंबर 2025 को सेक्टर-26 के दो क्लबों के बाहर रंगदारी का खौफ फैलाने के लिए बम धमाके भी किए गए थे।