मारवाड़ की लोक परंपरा को संवारने 29-30 मार्च को होगा वाणी उत्सव 2026, जिलेभर में होगा प्रचार

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बाड़मेर में मारवाड़ की लोक कला वाणी गायन के संरक्षण के लिए 29-30 मार्च को वाणी उत्सव 2026 और दान जी भजनी सम्मान का आयोजन होगा। प्रचार रथ को भजनियों ने रवाना किया और चंचल प्राग मठ में पोस्टर का विमोचन किया गया।

Vani Utsav 2026 to be held on March 29 and 30; Bhajan singers flag off the campaign chariot

मारवाड़ की समृद्ध लोक कला वाणी गायन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रूमा देवी फाउंडेशन और ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में इस वर्ष भी वाणी उत्सव 2026 का आयोजन 29 व 30 मार्च को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर किया जाएगा। कार्यक्रम के साथ ही दान जी भजनी सम्मान भी आयोजित होगा।

उत्सव के प्रचार-प्रसार को लेकर रूमा देवी फाउंडेशन क्राफ्ट सेंटर से प्रचार रथ को वरिष्ठ भजनियों और हरजस गायन से जुड़ी मातृ शक्ति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर वरिष्ठ भजनी केहरा राम सणपा, कविता पोटलिया, मुलाराम फतेहगढ़, पदमाराम निम्बला, रामचंद राम तथा हरजस गायिका सुगड़ी देवी, हर्षिता सिंह, खातू देवी, कमला, अंतरी देवी, गीता देवी, हेमी देवी और पप्पू देवी सहित कई कलाकार मौजूद रहे।

प्रचार रथ जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचेगा। इसका मुख्य रूट तारातरा मठ, धर्म धूणा पन्नोनियों का तला, लीलसर धाम, चौहटन कस्बा और विरात्रा माता मंदिर सहित अन्य स्थानों से होकर गुजरेगा। इस दौरान भजन कलाकारों को उत्सव में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है।

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इसी क्रम में शहर के चंचल प्राग मठ में महंत श्रीश्री 1008 शंभुनाथ जी महाराज द्वारा वाणी उत्सव के पोस्टर का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि वाणी गायन मारवाड़ की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा है, जिसका संरक्षण बेहद जरूरी है। यदि इसे सहेजा नहीं गया तो आने वाली पीढ़ियां इस लोक कला को भूल सकती हैं। उन्होंने महान भजन गायक दान सिंह जी के चंचल प्राग मठ से गहरे जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि दानजी वर्षों तक इस तपस्थली पर नियमित रूप से भजन-वाणियां प्रस्तुत करते रहे।

संस्थान के सचिव विक्रम सिंह ने कहा कि संस्थान का प्रयास रहेगा कि इस लोक कला को जीवंत बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं, ताकि वाणी गायन की परंपरा को नए आयाम मिल सकें। पोस्टर विमोचन के दौरान अभयनाथ महाराज, मूलाराम, भजन गायक पदमाराम, उम्मेद सिंह चौधरी, गणेश बोसिया, श्रवण प्रजापत, वागाराम जाणी, मोहनलाल बेनीवाल, अजय चौधरी, अरुण राजपुरोहित, टीकूराम कड़ेला और फकीरा खान सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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Author: Farheen