जयपुर में सड़कों पर उतरा जनसैलाब: 87 कॉलोनियों के हजारों लोगों का शांति मार्च, हाईकोर्ट आदेश के बाद बढ़ी चिंता

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जयपुर के सांगानेर-बगरू क्षेत्र में 87 कॉलोनियों के हजारों लोग अपने घरों पर बुलडोजर की आशंका के विरोध में सड़कों पर उतर आए। श्योपुर चौराहे से पिंजरापोल गौशाला तक शांति मार्च निकालकर सरकार से कॉलोनियों को नियमित करने की मांग की गई।

Jaipur Colonies Protest: Peace March for Relief; Hanuman Chalisa, Havan

जयपुर शहर के सांगानेर और बगरू क्षेत्र में रविवार को बुलडोजर कार्रवाई की आशंका के खिलाफ लोगों का बड़ा जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। 87 कॉलोनियों के हजारों लोग अपने घरों को बचाने की मांग को लेकर श्योपुर चौराहे से पिंजरापोल गौशाला तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालते हुए सरकार से राहत की गुहार लगाते नजर आए।

सुबह से ही श्योपुर चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। किसी के हाथ में तख्तियां थीं, तो किसी के चेहरे पर अपने आशियाने को बचाने की चिंता साफ दिखाई दे रही थी। प्रदर्शनकारियों की तख्तियों पर “अवैध कहना बंद करो, नियमन का प्रबंध करो”, “हमारे घर बचाओ” और “जनता को न्याय दो” जैसे नारे लिखे हुए थे। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों की बड़ी संख्या इस मार्च में शामिल हुई। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित इस प्रदर्शन में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखने को मिली।

कॉलोनीवासियों ने श्योपुर चौराहे से गुलाब विहार होते हुए पिंजरापोल गौशाला तक पैदल मार्च किया। रास्ते भर लोगों ने अपने घरों को बचाने की मांग उठाई। इस दौरान लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ-हवन भी किया। मार्च के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस ने समझाइश देकर हालात को संभाल लिया।

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दरअसल, इस पूरे आंदोलन की वजह फरवरी में आया न्यायालय का आदेश है। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान आवासन मंडल को तीन सप्ताह के भीतर जमीन खाली करवाकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के बाद इन कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों में अपने घरों पर बुलडोजर चलने का डर पैदा हो गया है।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुनंदन सिंह हाड़ा और महासचिव परशुराम चौधरी ने बताया कि इन कॉलोनियों में लोग पिछले 30 से 40 वर्षों से रह रहे हैं। लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई और बैंक से कर्ज लेकर यहां मकान बनाए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने खुद इन क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं, इसलिए अब इन्हें अवैध बताना लोगों के साथ अन्याय है।

आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की है कि 19 मार्च को उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई के दौरान कॉलोनीवासियों का पक्ष मजबूती से रखा जाए और इन बसी हुई कॉलोनियों को नियमित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है और आने वाले निकाय चुनाव में मतदान बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

श्योपुर व्यापार मंडल ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया। व्यापारियों ने सुबह 10 से 12 बजे तक बाजार बंद रखकर पैदल मार्च में भाग लिया। उनका कहना है कि इन कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार स्थानीय बाजार से जुड़े हुए हैं और यदि कॉलोनियां उजड़ीं तो इसका असर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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Author: Farheen

सबसे ज्यादा पड़ गई

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