टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। भारत ने 255 रन बनाए। जवाब में कीवी टीम 159 रन पर सिमट गई।
शिवम दुबे क्या बोले
शिवम दुबे ने कहा, मेरी भूमिका शुरू से ही साफ थी। मुझे कुछ बड़े छक्के लगाने थे। टूर्नामेंट के पहले दिन से यही मेरा रोल था। मैं हमेशा खुद पर भरोसा रखता हूं और मानता हूं कि जब भी मौका मिलेगा, मैं छक्के जरूर लगाऊंगा। मैंने अपने खेल में काफी सुधार किया है, खासकर गेंदबाजी में, लेकिन इस टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा। उम्मीद है कि आगे आने वाले समय में मैं और बेहतर प्रदर्शन करूंगा।
अभिषेक के लिए खुश हुए वरुण
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, यह अहसास शानदार है। लगातार दो ट्रॉफी जीतना वाकई खास है। आज अभिषेक के लिए भी बहुत खुशी हो रही है, उसने बेहतरीन पारी खेली। हम दोनों अक्सर आपस में बात करते थे कि आखिर क्या हो रहा है, हमारे लिए कुछ भी ठीक से काम क्यों नहीं कर रहा। लेकिन अब बात अलग है। हमने वर्ल्ड कप जीत लिया है।
अर्शदीप ने मिचेल से मांगी थी माफी
फाइनल मैच के दौरान माहौल उस वक्त गर्म हो गया था जब अर्शदीप सिंह और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के बीच नोकझोंक हुई। इस विवाद को लेकर अर्शदीप ने कहा, मैं तुरंत भागकर मिचेल से माफी मांगने गया था। जब मैंने गेंद फेंकी तो वह रिवर्स स्विंग हो गई और थ्रो में उन्हें लग गई। अभी तो जीत की खुशी बहुत अच्छी लग रही है, लेकिन असली अहसास शायद अगले दो-चार दिनों में आएगा। यह बहुत शानदार टीम है, जिसमें कई मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं। एक गेंदबाज के तौर पर हमारी भूमिका साफ होती है। अगर हमारी टीम 250 रन बनाती है तो प्रतिद्वंद्वी टीम को 250 से नीचे रोकना है और अगर पहले गेंदबाजी कर रहे हों, तो उन्हें जितना कम हो सके उतने स्कोर पर रोकना है। अभिषेक जब कल नेट में अभ्यास कर रहा था, तभी लग गया था कि अभिषेक बड़ी पारी खेलने वाला है।
फाइनल की पिच पर क्या बोले बुमराह?
खिताबी जीत के बाद बुमराह ने कहा, यह जीत बेहद खास है, क्योंकि मैंने अपने होम ग्राउंड पर पहले भी एक फाइनल खेला था, लेकिन तब हम जीत नहीं पाए थे। आज जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे पता था कि विकेट काफी सपाट है, इसलिए मुझे अपना पूरा अनुभव इस्तेमाल करना था। इस टूर्नामेंट से पहले मैं ऐसे दौर में था, जहां मुझे लग रहा था कि मैं थोड़ा ज्यादा कोशिश कर रहा हूं। गेंदबाजी अच्छी हो रही थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मैं खुद पर ज्यादा दबाव डाल रहा हूं।
बुमराह ने कहा, इस टूर्नामेंट में मैंने बस खेल पर ध्यान दिया और वह तरीका मेरे लिए काफी अच्छा काम कर गया। अपने होम ग्राउंड पर विश्व कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच मिलने से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। जहां तक मेरी धीमी गेंदों की बात है, अनुभव की वजह से मुझे पता था कि यहां बहुत तेज गेंदबाजी करने से बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान हो जाता है। इसलिए मैंने समझदारी से गेंदबाजी की और यह समझने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं। जो टीमें दबाव में भी शांत रहती हैं, वही टूर्नामेंट जीतती हैं और मुझे खुशी है कि हमने ऐसा ही किया।
कौन क्या बोला?: हार्दिक ने माहिका को दिया श्रेय
हार्दिक पांड्या ने कहा, ”मेरे लिए यह पांचवां कम बैक था। मैं क्रिकेट इसीलिए खेला हूं। बारबाडोस के बाद तय किया था कि जो ट्रॉफी खेलूंगा, उसे जीतना चाहूंगा। इस जीत के पीछे बहुत सारी मेहनत है। मुझे भी सिर्फ मेहनत आती है। माहिका जब से आई है, तब से जिंदगी में जीत ही जीत की बात हुई है। माहिका का खास तौर पर जिक्र करना चाहूंगा। इनका सबसे बड़ा सपोर्ट है। मेरे सपोर्ट स्टाफ ने भी बहुत मेहनत की। लोगों को जो हार्दिक पांड्या दिखता है, उसके पीछे इन लोगों की मेहनत है। मेरा आधा करियर बाकी है। मैं कम से कम 10 ट्रॉफी जीतना चाहूंगा। कल से मुझे पता था कि हम चैंपियन हैं। माहिका से भी कहा था कि चिंता मत करो, हम ही जीतेंगे। अभिषेक और ईशान से भी मैंने आज कहा कि याद करो कि जिंदगी में सबसे अच्छा लम्हा क्या था। उसे याद करो और खेलो। संजू सैमसन पर हमें गर्व है।”
कौन क्या बोला?: अभिषेक बोले- खुद पर शक होने लगा था
खिताबी जीत के बाद अभिषेक ने कहा, एक बात बिल्कुल साफ थी। मैं इसे पहले भी साझा करना चाहता था, लेकिन आज सबसे सही दिन है। कप्तान और कोच को मुझ पर भरोसा था, जबकि मुझे खुद पर शक होने लगा था। ऐसा अनुभव मुझे पहले कभी नहीं हुआ था, यह मेरे लिए एक मुश्किल टूर्नामेंट था। मैं बस अपने प्रोसेस पर ध्यान दे रहा था, लेकिन मैच-दर-मैच यह आसान नहीं था। फिर भी मुझे इस टीम से प्यार है, क्योंकि जिस तरह उन्होंने मेरा साथ दिया, वह खास है।
उन्होंने कहा, पूरे साल मैं टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में वैसा नहीं कर पा रहा था, इसलिए यह मेरे लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद टीम और मैनेजमेंट ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया, वह बहुत मायने रखता है। टूर्नामेंट के बीच में मैं भावुक भी हो गया था और कोच व कप्तान से बात करना चाहता था। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम हमारे लिए बड़े मैच जिताओगे। अगर कोई मुझे शुरू से कहता कि आपके रन नहीं बन रहे तो कोई बात नहीं, आप विश्वकप जीत जाओगे, तो बात अलग होती। मेरे साथ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। कोच और सूर्यकुमार समेत सभी सीनियर्स कहते रहे कि आप बड़ा मैच जिताओगे। बड़े दिन का इंतजार करो।
कौन क्या बोला?: सैमसन बोले- सचिन सर से की थी चर्चा
सैमसन ने कहा, ‘न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मैं पूरी तरह टूट गया था। ऐसा लगा था कि मेरे सारे सपने बिखर गए हैं। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूं? कई पूर्व खिलाड़ियों ने मुझसे संपर्क किया और मेरी मदद करने की कोशिश की। पिछले कुछ महीनों से मैं लगातार सचिन तेंदुलकर सर के संपर्क में था। मैंने उनसे बात की और लंबी-लंबी चर्चाएं कीं। उनके जैसे महान खिलाड़ी से मार्गदर्शन मिलने से बड़ी बात और क्या हो सकती है? जिन लोगों ने मेरा साथ दिया, मैं उन सबका बहुत आभारी हूं। जहां तक आगे के लक्ष्य की बात है, फिलहाल यह उपलब्धि ही मेरे लिए बहुत बड़ी है। अभी मैं इसे जीना और इसका आनंद लेना चाहता हूं। कुछ दिनों बाद सोचूंगा कि आगे क्या करना है।’
भारत टी20 विश्व कप का चैंपियन
भारत ने न्यूजीलैंड को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में हराकर खिताब जीत लिया है। भारत के 255 रन के जवाब में न्यूजीलैंड 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्वकप का खिताब जीता है। इससे पहले टीम 2007 में पहले संस्करण और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खिताब जीती थी। सूर्यकुमार यादव का भी नाम विश्व विजेता कप्तानों में शुमार हो गया है। अहमदाबाद में साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया से वनडे विश्वकप में हार के बाद कई बातें कही गई थीं, लेकिन अब टीम इंडिया ने चैंपियन बनते हुए इतिहास दोहराया भी, हराया भी और नया इतिहास भी रच दिया।
भारत की पारी: 255 रन बनाए
भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 256 रन का लक्ष्य रखा था।। इस मैच में टीम इंडिया ने रिकॉर्ड्स की बारिश कर दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 255 रन बनाए। भारत एक समय 300 रन बनाती हुई दिख रही थी, लेकिन 16वें ओवर में नीशम ने तीन झटके दिए और इससे रन गति धीमी पड़ गई। भारत का स्कोर 15वें ओवर के बाद एक विकेट पर 203 रन था। इसके बाद 16वें ओवर में टीम इंडिया ने संजू सैमसन, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के विकेट गंवाए। इस ओवर में एक रन बना। फिर 17वें ओवर में सात रन और 18वें ओवर में नौ रन बने। 19वें ओवर में हार्दिक पांड्या आउट हुए और 11 रन बने। हालांकि, आखिरी ओवर में शिवम दुबे का बल्ला चला और इसकी वजह से टीम 250 के पार पहुंच सकी। दुबे आठ गेंद में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 26 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने आखिरी यानी 20वें ओवर में 24 रन बटोरे।
भारत को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। अभिषेक ने फॉर्म में वापसी की और फाइनल में उनका बल्ला चला। उन्होंने 21 गेंद में छह चौके और तीन छक्के की मदद से 52 रन की पारी खेली। संजू के साथ अभिषेक ने 43 गेंद में 98 रन की ओपनिंग साझेदारी की। अभिषेक को रचिन रवींद्र ने आउट किया। फिर संजू ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 48 गेंद में 105 रन की साझेदारी निभाई। सैमसन ने लगातार तीसरा अर्धशतक लगाया। वहीं, ईशान किशन ने भी फिफ्टी पूरी की। हालांकि, 16वें ओवर में दोनों आउट हो गए। सैमसन फिर शतक से चूक गए। वह 46 गेंद में पांच चौके और आठ छक्के की मदद से 89 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, ईशान ने 25 गेंद में चार चौके और चार छक्के की मदद से 54 रन की पारी खेली।
हार्दिक 13 गेंद में 18 रन बना सके, जबकि सूर्यकुमार खाता नहीं खोल पाए। तिलक छह गेंद में आठ रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड की ओर से नीशम ने तीन विकेट झटके, जबकि मैट हेनरी और रचिन को एक-एक विकेट मिला। भारत का 255/5 का स्कोर टी20 विश्वकप फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर है। भारत ने खुद का दो साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। 2024 टी20 विश्वकप के फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात विकेट पर 176 रन बनाए थे।
न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर सिमटी
न्यूजीलैंड के लिए केवल टिम साइफर्ट और मिचेल सैंटनर ही रन बना सके। इसके अलावा डेरिल मिचेल ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके। वरना बाकी सभी 10 रन के अंदर आउट हुए। साइफर्ट ने 26 गेंद में 52 रन की पारी खेली। वहीं, सैंटनर ने 35 गेंद में 43 रन बनाए। मिचेल ने 17 रन की पारी खेली। फिन एलेन नौ रन, रचिन रवींद्र एक रन, ग्लेन फिलिप्स पांच रन, मार्क चैपमैन तीन रन, जेम्स नीशम आठ रन और डफी तीन रन बना सके। मैट हेनरी खाता नहीं खोल सके।