अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन से हमला किया। इससे वहां घूमने गए कई पंजाबी परिवार फंस गए हैं।

ईरान-इस्राइल टकराव के बीच कई पंजाबी परिवार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में फंस गए हैं। इनमें से ज्यादातर पर्यटक हैं जो अलग-अलग देशों में घूमने गए थे लेकिन फ्लाइट्स रद्द होने के कारण वह देश नहीं लौट पाए।
पंजाब के एनआरआई मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने यूएई में फंसे पीड़ितों से फोन पर बात की। एक परिवार ने उन्हें बताया कि एयरपोर्ट में 60 से 70 पंजाबी परिवार उनके साथ थे। वह वहां घूमने गए थे। शनिवार को उनकी शारजाह से अमृतसर के लिए फ्लाइट थी लेकिन इस बीच वहां से फ्लाइट्स बंद कर दी गई। उन्होंने दूतावास से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन हो नहीं पाया है क्योंकि नंबर व्यस्त आ रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उन्हें एक होटल में रात गुजरानी पड़ी। हालांकि शनिवार सुबह एक जानकार के संपर्क के बाद वह उसके घर आ गए हैं। वह लगातार दूतावास से संपर्क करने में लगे हैं।
इसी तरह बठिंडा का दंपती भी दुबई हवाई अड्डे के बंद होने के कारण वहां फंसे हुआ है। उन्होंने बताया कि हमारे पास पैसे खत्म हो गए हैं और हमारे पास जरूरी दवाएं भी नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द मदद पहुंचाने की अपील की है। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है।
डॉ. रवजोत ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र
पंजाब के एनआरआई मंत्री डॉ. रवजोत ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने वहां फंसे पंजाब के लोगों को सुरक्षित देश लाने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि स्थिति बहुत चिंताजनक है जिसे लेकर जल्द एक बैठक बुलाई जानी चाहिए ताकि वहां फंसे लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत उचित कदम उठाए जा सके।
इसी तरह पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि मिडिल ईस्ट के विभिन्न देशों में पंजाबियों सहित हजारों भारतीय काम करते हैं लेकिन मौजूदा संकट के कारण उन्हें मदद की जरूरत है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से अपील करता हूं कि वे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रबंध करें।