शाहपुर के कुटबा गांव में 13 साल पहले राइफलें, बन्दूकें, तमंचे, तलवारें, तबल, बलकटी, बल्लम, भाले आदि धारदार हथियारों से करीब 110 लोगों ने मुस्लिम समुदाय के घरों पर हमला किया था। आठ लोगों की हत्या की गई थी।

मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान शाहपुर थाना क्षेत्र के कुटबा गांव में 13 साल पहले महिला समेत आठ लोगों की हत्या, आगजनी और जानलेवा हमले के मामले में 37 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। आठ आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-प्रथम की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने फैसला सुनाया।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव कुटबा गांव में आठ सितंबर 2013 को वारदात हुई थी। वादी इमरान ने मुकदमा दर्ज कराया था कि सुबह लगभग नौ बजे नारे लगाते हुए 110 से अधिक हमलावरों ने हाथों में राइफलें, बन्दूकें, तमंचे, तलवारें, तबल, बलकटी, बल्लम, भाले आदि धारदार हथियार लेकर मुस्लिम समाज के घरों में हमला बोल दिया। लोगों के घरों में आग लगाकर लूटपाट की गई। आठ लोगों की हत्या कर दी गई।
हमलावरों ने मस्जिद में तोड़फोड़, घरों में आगजनी, मोटर साइकिलों में आग, दुकानों में आग, जेनरेटर में आग लगा दी। एसआईटी ने विवेचना के बाद 45 लोगों को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल की गई थी। अलग-अलग मुकदमों की एक साथ सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजय सहरावत ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या प्रथम) में हुई। साक्ष्य के अभाव में 37 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया गया। अभियोजन की ओर से 30 से अधिक गवाह पेश किए गए।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजय सहरावत ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या प्रथम) में हुई। साक्ष्य के अभाव में 37 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया गया। अभियोजन की ओर से 30 से अधिक गवाह पेश किए गए।
कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में इन लोगों को किया दोषमुक्त
कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में कुंवरपाल, योगेंद्र उर्फ जोगेंद्र, मनोज, गुल्लू, सोनू, भालू, नीरज, लव कुमार, शौकी, बुरेश, प्रदीप, कालू, पप्पू, नीटू, पप्पू, नीटू पुत्र ब्रह्मपाल, गुड्डू, नरेन्द्र, जितेन्द्र, भीम, राम सिंह, देस्सा, छोटू, जूली, दीपक, कल्लू उर्फ मदन, सोमपाल, नरेन्द्र, खजान, विकास, टुल्ली उर्फ कल्लू, धीरज, पिंटू उर्फ बिंदू, मनोज, राहुल, बिजेन्द्र को दोषमुक्त किया गया।
कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में कुंवरपाल, योगेंद्र उर्फ जोगेंद्र, मनोज, गुल्लू, सोनू, भालू, नीरज, लव कुमार, शौकी, बुरेश, प्रदीप, कालू, पप्पू, नीटू, पप्पू, नीटू पुत्र ब्रह्मपाल, गुड्डू, नरेन्द्र, जितेन्द्र, भीम, राम सिंह, देस्सा, छोटू, जूली, दीपक, कल्लू उर्फ मदन, सोमपाल, नरेन्द्र, खजान, विकास, टुल्ली उर्फ कल्लू, धीरज, पिंटू उर्फ बिंदू, मनोज, राहुल, बिजेन्द्र को दोषमुक्त किया गया।
इन लोगों की कर दी गई थी हत्या
आठ सितंबर 2013 को हुए दंगे में गांव कुटबा में आठ लोगोंं की हत्या हुई थी। जिनमें वहीद, शमशाद, इरशाद, तराबू, कय्यूम, फैयाज, खातून, मोमीन शामिल हैं।
आठ सितंबर 2013 को हुए दंगे में गांव कुटबा में आठ लोगोंं की हत्या हुई थी। जिनमें वहीद, शमशाद, इरशाद, तराबू, कय्यूम, फैयाज, खातून, मोमीन शामिल हैं।
इन आरोपियों की हो चुकी है मौत
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आठ आरोपियों की मृत्यु हो गई। इनमें सोनू, चिंटू उर्फ पिंटू, धन्ना, रामदास, चतरा, दीपक, काला, देवेन्द्र शामिल हैं।