मेरठ में कपड़ा कारोबारी के घर में भीषण आग लग गई। आग में पांच बच्चों समेत छह की मौत हो गई। एक भाई की पत्नी और तीन बच्चे, दूसरे भाई के बेटा-बेटी की जलकर मौत हो गई। दो भाइयों की पत्नी और बच्चों ने दूसरी छत पर कूदकर जान बचाई। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट ही आग का कारण लग रहा है।

मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना इलाके के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात करीब 8:45 बजे कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के मकान में भीषण आग लग गई। झुलसने और दम घुटने से इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन साल का बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और बेटे फारूक की बेटी महविश व बेटे हम्माद की मौत हो गई। हादसे में इकबाल की पत्नी अमीर बानो झुलस गई हैं।
बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और कमरों में रखे कपड़ों में फैलती चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकलकर्मियों ने परिवार के लोगों को पास स्थित राजधानी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने पांच बच्चों सहित छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।
घायल अमीर बानो का उपचार चल रहा है। हादसे के वक्त इकबाल अहमद और उनके दोनों बेटे आसिम, फारूक व डॉ. अरशद तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे। किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का तीन मंजिल का मकान है।
इसमें उनके तीन बेटे आसिम, फारूक और डॉ. अरशद का परिवार रहता है। मकान के भूतल पर आई संस एम्ब्रॉयडरी का कारखाना संचालित होता है। इसमें पावरलूम के जरिए धागों से कपड़ा तैयार किया जाता है। पहली और दूसरी मंजिल पर परिवार रहता है।
पौने नौ बजे घर में लगी आग
घर की दूसरी मंजिल पर इकबाल की पत्नी अमीर बानो, आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन वर्षीय बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और फारूक की बेटी महविश, बेटा हम्माद व अन्य परिजन मौजूद थे। रात करीब पौने नौ बजे अचानक घर में आग लग गई।
घर में कई जगहों पर कपड़े रखे थे। कुछ देर में कपड़ों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर दिया। पूरे घर में धुआं भर गया। आग की लपटें फैल गई। आग और धुआं देखकर पड़ोसियों ने पुलिस और दमकलकर्मियों को सूचना दी।
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट ही आग का कारण लग रहा है। संकरी गलियों की वजह से बचाव कार्य में चुनौतियां आईं। हादसे में कुल छह लोगों की जान गई है।
दो भाइयों की पत्नी और बच्चों ने बचाई जान दूसरी छत पर कूदकर
मकान में आग लगने के दौरान इकबाल के परिवार की महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थीं। बेटे डॉ. अरशद ने बताया कि वह नमाज पढ़ने गए हुए थे। उस दौरान परिवार की महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थी। जब वह लौटकर आए तो उन्हें हादसे की जानकारी हुई।
पड़ोसियों ने बताया कि आगजनी के दौरान घर में डॉ. अरशद और फारुख की पत्नी के अलावा उनके बच्चे शहरीश, अरहम और रिहान भी मौजूद थे। जब आग ने विकराल रूप धारण किया और मकान में धुआं भरने लगा तो परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागे।
इस दौरान डॉ. अरशद और फारुख की पत्नी शहरीश, अरहम व रिहान को लेकर छत के रास्ते पड़ोसियों के घर चले गए। लेकिन रुखसाना व अन्य बच्चे कमरे जाकर फंस गए।
जान बचाने के लिए चीखते रहे रुखसाना और बच्चे
जान बचाने के लिए रुखसाना और बच्चे दूसरी मंजिल के कमरे में पहुंच गए। कुछ ही देर में आग वहां तक पहुंच गई। रुखसाना और बच्चे खिड़की खोलकर जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीषण आग के कारण कोई भी मकान के अंदर नहीं जा सका।
जब तक दमकलकर्मी और पुलिस कर्मी पहुंचे उनकी जान जा चुकी थी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आग ने कुछ ही देर में मकान के तीनों मंजिल को आगोश में ले लिया था। महिला और बच्चों की चीख पुकार सुनकर लोगों ने पानी डालने व उन तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
संकरी गलियां बनीं बाधा, स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
आग लगने के बाद घर के भीतर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचित किया। इलाका घनी आबादी वाला है। गलियां संकरी होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने साहस दिखाया और छतों के रास्ते घर में प्रवेश कर झुलसी हुई महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला। लोगों ने निजी संसाधनों और पानी डालकर आग पर काबू पाया।
दमकल के चार वाहनों ने पाया आग पर काबू
सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी, सीएफओ सुरेंद्र सिंह दमकलकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। चार दमकल वाहनों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बड़ी संख्या में मोहल्ले व आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे का शिकार हुए लोगों को राजधानी अस्पताल ले जाने के बाद सैकड़ों लोग और नेता वहां पहुंच गए।
इनकी गई जान
रुखसार (30) पत्नी आसिम
अकदस (3) पुत्र आसिम
नविया (छह माह) पुत्री आसिम
इनायत (छह माह) पुत्री आसिम
महविश (12) पुत्री फारूक
हम्माद (4) पुत्र फारूक
एक महिला झुलसी
अमीर बानी पत्नी इकबाल