मेरठ में एक करोड़ रुपये के नगद लेनदेन के मामले में सराफा कारोबारी और बुक डिपो संचालक आयकर विभाग के रडार पर हैं। पुलिस रिपोर्ट के बाद आयकर विभाग दोनों से पूछताछ और रिकॉर्ड जांच की तैयारी में है।

एक करोड़ रुपये का नगद लेनदेन करने के मामले में शहर के बड़े सराफा कारोबारी रघुनंदन ज्वेलर्स और भगवान बुक डिपो के संचालक आयकर के रडार पर आ गए हैं। आयकर विभाग इन दोनों कारोबारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी करेगा। आयकर विभाग के अधिकारी इस मामले में पुलिस से भी जानकारी जुटाएंगे, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। आयकर अधिनियम के अनुसार दो लाख रुपये से अधिक का नगद लेनदेन प्रतिबंधित है। ऐसे में एक करोड़ रुपये के नगद आदान-प्रदान पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़े सराफा कारोबारियों में शुमार में आबूलेन स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स और सदर चौक बाजार में भगवान बुक डिपो के संचालकों ने एक करोड़ रुपये का नकद लेनदेन किया है। एक करोड़ रुपये नकद जिसने लिया और जिसने दिया, इससे जुड़े तत्थों की आयकर विभाग जानकारी जुटाने में लग गया है।
एक करोड़ रुपये की धनराशि बुक डिपो संचालक ने कहां से और कैसे जुटाई, इसका विवरण आयकर विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा सराफा कारोबारी ने जो धनराशि ली, उसका कहां और किस मद में प्रयोग किया गया, इसकी जानकारी देनी होगी।
दो लाख रुपये से अधिक नगद धनराशि के लेनदेन पर 100 प्रतिशत जुर्माना
सीए अनुपम शर्मा बताते हैं कि आयकर अधिनियम की धारा- 269 एसटी के तहत किसी भी व्यक्ति से एक दिन में एक ही लेनदेन में या एक ही इवेंट (आयोजन) से संबंधित लेनदेन के लिए दो लाख रुपये या उससे अधिक की नकद राशि प्राप्त करना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर धारा 271 डीए के तहत ली गई राशि के बराबर 100 प्रतिशत जुर्माना लग सकता है। यह नियम धनराशि प्राप्त करने वाले पर लगता है।