जींद। एडिशनल सेशन जज शिफा की अदालत ने यौन उत्पीड़न में पीड़िता के बयान बदलने से आरोपी को बरी कर दिया है। यह मामला अदालत में साल 2022 से विचाराधीन था।
अदालत में चले अभियोजन के अनुसार जुलाना थाना क्षेत्र की एक महिला ने 11 अप्रैल 2022 को एफआईआर में बताया था कि आरोपी उसके ही गांव का है और रिश्ते में चाचा लगता है। नौ जनवरी 2022 को उसकी शादी हो गई थी। साल 2018 में वह एक दिन घर पर अकेली थी। इस दौरान आरोपी घर आकर उससे बातचीत करने लगा। उस दिन तो वह चला गया लेकिन कुछ दिन बाद वह दोबारा आया और उसने उसके साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाए।
उसने उसकी वीडियो भी बना ली। इसके बाद वह उसको वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। फिर वह उसका यौन उत्पीड़न करने लगा। उसने बताया कि सामाजिक दबाव के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान उसके कपड़े उतारने और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने उससे पैसे भी मांगे और मना करने पर धमकी दी।
उसने उसकी वीडियो भी बना ली। इसके बाद वह उसको वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। फिर वह उसका यौन उत्पीड़न करने लगा। उसने बताया कि सामाजिक दबाव के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान उसके कपड़े उतारने और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने उससे पैसे भी मांगे और मना करने पर धमकी दी।
उसने डर से दिसंबर 2019 में आरोपी के खाते में दो लाख ट्रांसफर कर दिए। शादी के बाद भी आरोपी ने हरकतें बंद नहीं कीं और 24 फरवरी 2022 को उसका अश्लील वीडियो पति सुमित को भेज दिया। छह अप्रैल 2022 को उसके काम करने की जगह दिल्ली में भी उसके पास आया। उसने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
महिला थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बयान बदले। उसने घटनाओं की तारीख भी सही नहीं बताई। इस पर अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।