दौसा जिले की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस विधायक दीनदयाल बेरवा पर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में हस्तक्षेप और एक महिला पटवारी को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

दौसा जिले की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर गर्माहट बढ़ गई है। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस विधायक दीनदयाल बेरवा पर सार्वजनिक रूप से तीखा जुबानी हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सामने आया, जिसके बाद जिले का राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रशासन पर दबाव बनाना और जातिगत विद्वेष फैलाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े कारोबार में कुछ लोग माफिया तत्वों के साथ जुड़े हुए हैं, जो क्षेत्र की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित विधायक या कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्रीय राजनीति पर भी साधा निशाना
अपने वक्तव्य के दौरान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने राष्ट्रीय राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति भटकती नजर आ रही है। संसद के हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह का टकराव लोकतंत्र के लिए उचित संकेत नहीं देता।
जिले में सियासी हलचल तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दौसा जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। फिलहाल मामला राजनीतिक स्तर पर ही सीमित नजर आ रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर आधिकारिक प्रतिक्रियाएं और स्पष्टीकरण सामने आने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को गरमा दिया है, जिससे जिले की सियासत में हलचल बनी हुई है।