Ajit Pawar Plane Crash: उड़ान से पहले विमान के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई? CID ने शुरू की हादसे की जांच

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Shikha Bhardwaj

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मुंबई/बारामती: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे में मौत के बाद अब इस मामले की जांच और गहरा गई है। हादसे को लेकर किसी भी साजिश या तकनीकी छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) ने अब इस भीषण विमान दुर्घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को हुए इस विमान हादसे के बाद दर्ज किए गए आकस्मिक मृत्यु के मामले को अब सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया है। पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज केस को सीआईडी के हवाले किया गया है, ताकि मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा सके।

जानकारी के अनुसार, मुंबई से उड़ान भरने के बाद बुधवार सुबह बारामती एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग से कुछ ही पहले अजित पवार का विमान क्रैश हो गया था। यह हादसा हवाई पट्टी से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर हुआ, जिससे विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की जान चली गई।

हादसे में जान गंवाने वालों में विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर, जिन्हें करीब 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था, को-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक, जिन्हें 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था, अजित पवार के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं। सभी की मौके पर ही मौत हो गई थी।

सीआईडी के एक अधिकारी ने बताया कि जांच टीम पुणे ग्रामीण पुलिस से संबंधित सभी दस्तावेज, एफआईआर, तकनीकी रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच से जुड़े रिकॉर्ड इकट्ठा करेगी। इसके साथ ही सीआईडी की टीम बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनास्थल का भी दौरा करेगी, ताकि घटनास्थल की भौतिक स्थिति, रनवे, मौसम और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा सके।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि अजित पवार की मुंबई से बारामती की यात्रा शुरू होने से पहले विमान के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई थी। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि कहीं तकनीकी खामी के अलावा कोई बाहरी हस्तक्षेप या साजिश तो इस हादसे की वजह नहीं बना।

वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने भी हादसे वाले दिन ही अपनी जांच शुरू कर दी थी। दिल्ली से एएआईबी के तीन अधिकारियों की एक टीम और डीजीसीए के मुंबई रीजनल ऑफिस से तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।

दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है, जिसे तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। ब्लैक बॉक्स से मिलने वाले डेटा के आधार पर हादसे के अंतिम पलों, पायलट-एटीसी संवाद और तकनीकी स्थिति की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल, पूरे राज्य और देश की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल विमान हादसे की जांच पर टिकी हुई हैं। सीआईडी और एएआईबी की संयुक्त जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि यह हादसा महज एक तकनीकी दुर्घटना था या इसके पीछे कोई और वजह भी शामिल थी।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj