फेसबुक पर आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट उज्जैन के एक युवक को भारी पड़ गई। युवती बनकर संपर्क करने वाले साइबर ठगों ने पहले युवक को प्रेमजाल में फंसाया और फिर शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच देकर एक फर्जी एप के जरिए उससे लाखों रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में बिरलाग्राम थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिरलाग्राम थाना प्रभारी जितेन्द्र पाटीदार के अनुसार, ग्राम मेहतवास स्थित अम्बे कॉलोनी निवासी अभिशेष गुप्ता (पिता सतीश गुप्ता) ने थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि अगस्त महीने में उसके फेसबुक अकाउंट पर जानवी मल्होत्रा नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी, जिसे स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ ही दिनों में युवती ने उससे नजदीकियां बढ़ा लीं और शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया।
युवक को भरोसे में लेने के लिए युवती ने उसे “कपितमाल” नाम का एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा। शुरुआत में युवक ने करीब 20 हजार रुपये निवेश किए, जिस पर कुछ ही दिनों में मुनाफा दिखाया गया। लगातार 2-3 महीने तक उसे एप पर मुनाफा दिखता रहा, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया।
नवंबर और दिसंबर के बीच युवक ने कुल 2 लाख 20 हजार 737 रुपये एप के जरिए निवेश कर दिए। इसके बाद जब उसने अपनी राशि निकालने (विड्रॉल) की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन फेल होने लगा। कुछ ही समय बाद उसका अकाउंट पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया और न तो पैसे वापस मिले और न ही युवती से संपर्क हो पाया। जिस मोबाइल नंबर से बातचीत हो रही थी, वह भी बंद आने लगा।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवक ने युवती का मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस को सौंपे हैं। मामले में साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके। युवक ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाली युवती के फेसबुक प्रोफाइल पर आकर्षक फोटो लगे थे, जिससे युवक प्रभावित हो गया था। पहले फेसबुक चैट और फिर मोबाइल कॉल व मैसेज के जरिए बातचीत बढ़ती चली गई। पुलिस का मानना है कि यह पूरा मामला एक संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर निवेश के नाम पर ठगी करता है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर आने वाली अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश से जुड़े एप डाउनलोड न करें। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं और इससे बचने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता ही है।


