नर्मदापुरम/जबलपुर/ओंकारेश्वर: मध्य प्रदेश के नर्मदांचल क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मां नर्मदा के पावन तट पर आस्था का महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है, जहां विशेष रूप से तैयार किए गए जल मंच से मां नर्मदा का भव्य अभिषेक किया जाएगा। इस दिव्य आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे और मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
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प्रशासन और धार्मिक संगठनों की ओर से इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। नर्मदा तट को भव्य रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जल मंच को आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आस्था के समन्वय से तैयार किया गया है, जिससे अभिषेक के दौरान श्रद्धालु मां नर्मदा के साक्षात दर्शन कर सकें।
आयोजकों के अनुसार, इस महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा, साधु-संत और धार्मिक विद्वान इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। वे मां नर्मदा की महिमा, संरक्षण और स्वच्छता को लेकर संदेश भी देंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री इस मौके पर नर्मदा संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को लेकर प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दे सकते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि मां नर्मदा का अभिषेक और दर्शन करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि नर्मदांचल में यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का भी बड़ा केंद्र बन गया है।
नर्मदांचल में होने जा रहा यह आस्था का महाकुंभ न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव साबित होने वाला है।




