अलवर के बड़ौदा मेव कस्बे में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की शादी चर्चा में है। दोनों को हाईकोर्ट के आदेश पर पैरोल मिली है और मीडिया में खबर वायरल होने के बाद परिवार जयपुर जाकर शादी करने की चर्चा है।

अलवर जिले के बड़ौदा मेव कस्बे में आज अचानक एक शादी समारोह की खबर ने सुर्खियां बटोर ली। बड़ौदामेव के होली चौक मोहल्ले में उम्र कैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद आज विवाह बंधन में बंधने वाले हैं। यह वही घर है जहां हनुमान प्रसाद का परिवार रहता है। हाईकोर्ट के निर्देश पर दोनों को पैरोल मिली है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। आज दोनों की शादी होनी थी, लेकिन मीडिया में खबर वायरल होने के बाद दोनों परिवार बड़ौदा से कहीं दूर चले गए। बताया जा रहा है कि वे जयपुर में जाकर शादी कर रहे हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों परिवार किस स्थान पर शादी कर रहे हैं।
पाली जिले की रहने वाली प्रिया सेठ ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज चुकाने के लिए झोटवाड़ा के रहने वाले दुष्यंत शर्मा को डेटिंग ऐप के जरिए प्रेमजाल में फंसाया था। साजिश के तहत 2 मई 2018 को उसने दुष्यंत को मिलने बुलाया और अपने बजाज नगर स्थित फ्लैट पर ले गई। फ्लैट पर उसके प्रेमी दीक्षांत और साथी लक्ष्य वालिया पहले से मौजूद थे। तीनों ने दुष्यंत को बंधक बना लिया और उसके पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पिता ने 3 लाख रुपये दुष्यंत के खाते में जमा कर दिए।
पढ़ी-लिखी परिवार की बेटी, गलत राह पर चली
पाली निवासी प्रिया सेठ एक पढ़े-लिखे परिवार से थी। उसके दादा प्रिंसिपल थे, पिता कॉलेज लेक्चरर और मां सरकारी स्कूल में टीचर थीं। दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक लाने पर माता-पिता ने उसे जयपुर पढ़ाई के लिए भेजा। वहीं वह गलत संगत में पड़ गई और एक पेजिंग गेस्ट हाउस में रहने लगी। महंगे शौक पूरे करने के लिए युवकों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया और पैसे ऐंठने के लिए वेबसाइट भी बना ली।
यहीं दौरान प्रिया की दोस्ती श्रीगंगानगर निवासी और मुंबई में मॉडलिंग करने वाले दीक्षांत कामरा से हुई और दोनों जयपुर में लिव-इन में रहने लगे। मृतक दुष्यंत ने प्रिया से डेटिंग ऐप के जरिए मुलाकात की थी और खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया था। प्रिया ने उसे करोड़पति बता कर प्रभावित होने के बाद बड़ी रकम ऐंठने की योजना बनाई और अपने प्रेमी दीक्षांत तथा लक्ष्य वालिया को इसमें शामिल किया। तीनों ने दुष्यंत की हत्या कर दी।
कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास
24 मई 2024 को जयपुर की कोर्ट ने प्रिया सेठ, दीक्षांत और लक्ष्य वालिया को हत्या का दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी लक्ष्य वालिया के पिता का देहांत हो चुका है और वह अपनी मां की एकलौती संतान है। दूल्हा बनने जा रहे हनुमान प्रसाद ने 2 अक्टूबर 2017 की रात शिवाजी पार्क में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा के पति बनवारी लाल और उनके चार बच्चों की हत्या की थी। नींद की गोलियों से बेहोश कर चाकू से गला रेत दिया था। हत्या के बाद हनुमान ट्रेन से उदयपुर भाग गया था। उस वक्त वह फिजिकल टीचर की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने उसे दो दिन बाद गिरफ्तार कर लिया था।
जांच में सामने आया था कि संतोष और हनुमान के बीच अफेयर था। उस समय संतोष हनुमान से 10 साल बड़ी थी और दोनों ही ताइक्वांडो जानते थे। प्रेम इतना बढ़ा कि दोनों ने शादी करने का मन भी बना लिया था। संतोष ने अपने पति और बच्चों को खत्म करने के लिए हनुमान को तैयार किया था। कोर्ट ने दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
दोनों की उम्र और लिव-इन की कहानी
प्रिया सेठ 33 साल की है, जबकि हनुमान प्रसाद 32 साल के हैं। दोनों की शादी का कार्ड भी छपा है। जयपुर के ओपन जेल में सजा काट रहे हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरू हुई। बताया जा रहा है कि दोनों लगभग 6 महीने से लिव-इन में रह रहे हैं और अब शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।