चंडीगढ़ में मेयर चुनाव की सरगर्मी: गठबंधन से लेकर प्रत्याशी तक पर संशय बरकरार, अभी किसी दल ने नहीं खोले पत्ते

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चंडीगढ़ में मेयर का चुनाव  29 जनवरी को प्रस्तावित है।  22 जनवरी सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। हालांकि अभी तक किसी भी दल ने उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं किया है।
Chandigarh mayoral election Uncertainty persists over alliances and candidates bjp aap congressचंडीगढ़ में मेयर चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया में अब महज तीन दिन शेष रह गए हैं लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने प्रत्याशी के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में समय कम और दबाव ज्यादा होता जा रहा है।

भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों ही दलों में बैठकों और अंदरूनी मंथन का दौर जारी है। भाजपा जहां साफ छवि और संगठनात्मक संतुलन के आधार पर प्रत्याशी चुनने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच एक बार फिर गठबंधन की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। हालांकि, दोनों दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक एलान नहीं किया गया है। 

भाजपा सबसे ज्यादा सावधान

भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी बरती जा रही है। पार्टी नेतृत्व 2026 के नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऐसा फैसला करना चाहता है जिससे भविष्य में किसी तरह का राजनीतिक नुकसान न हो। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार विवादों से दूर और पुराने कैडर से जुड़े नेता को मौका दिए जाने की संभावना है।

भाजपा के एक पार्षद ने बताया कि 19 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए दिल्ली रवाना हो रहे हैं। वहां से लौटने के बाद ही प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है। संभावित नामों में सौरभ जोशी, महेश इंदर सिंह सिद्धू और कंवर राणा चर्चा में हैं। यदि पार्टी किसी पूर्व मेयर को दोबारा मौका देती है तो अनुप गुप्ता का नाम भी दौड़ में माना जा रहा है।

आप में स्थिति स्पष्ट नहीं

आम आदमी पार्टी में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पार्टी नेतृत्व इस बात को लेकर सतर्क है कि प्रत्याशी की घोषणा के बाद किसी तरह की अंदरूनी नाराजगी या बगावत सामने न आए। इसी कारण पार्षदों के पिछले एक साल के कामकाज का फीडबैक लिया जा रहा है। पार्टी में योगेश ढींगरा और हरदीप सिंह के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। हरदीप सिंह के पास प्रशासनिक अनुभव है, जबकि योगेश ढींगरा को पुराने कैडर का लाभ मिल सकता है।

कांग्रेस में भी आने वाले दो दिन बेहद अहम

कांग्रेस में भी आने वाले दो दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। 19 जनवरी को वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी के चंडीगढ़ दौरे और 20 जनवरी को कांग्रेस पार्षदों की बैठक के बाद तस्वीर साफ होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी मेयर पद आम आदमी पार्टी के खाते में और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद कांग्रेस के हिस्से में जा सकते हैं।

हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की का कहना है कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला बैठक के बाद ही लिया जाएगा। नामांकन की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही चंडीगढ़ की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिरी वक्त में कौन सा दल किस चेहरे पर दांव लगाता है और सियासी बाजी किसके हाथ जाती है

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