भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे विराट कोहली और कुलदीप यादव ने आगामी मैच से पहले उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर का दौरा किया। दोनों खिलाड़ी मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भाग लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी, जिन्होंने खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। विराट और कुलदीप ने अपनी टीम के लिए भगवान से सफलता और खेल में अच्छा प्रदर्शन करने की प्रार्थना की।

खिलाड़ियों ने भस्म आरती में शामिल होकर मंदिर की पवित्र परंपरा और धार्मिक रस्मों में सक्रिय भागीदारी दिखाई। विराट कोहली ने कहा कि महाकाल का आशीर्वाद उनके लिए मानसिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। वहीं कुलदीप यादव ने बताया कि मंदिर आने का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक श्रद्धा व्यक्त करना नहीं, बल्कि अपने मन को शांत कर मैदान में फोकस बनाए रखना भी है। उनके साथ कुछ समय तक स्थानीय लोग भी मंदिर में दर्शन कर पवित्र वातावरण का अनुभव कर पाए।
मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं ने खिलाड़ियों का सम्मान करते हुए उन्हें मंदिर के मुख्य प्रांगण में बैठने का अवसर दिया। इस दौरान खिलाड़ियों ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के साथ फोटो खिंचवाए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल में सफलता केवल शारीरिक मेहनत से नहीं मिलती, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन भी जरूरी है। ऐसे धार्मिक अनुष्ठान खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तैयार करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।
विराट कोहली और कुलदीप यादव के महाकालेश्वर मंदिर आने की खबर से क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह और श्रद्धा दोनों का संयोग देखने को मिला। मंदिर परिसर में दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी ने खेल और धर्म के मेल का अद्भुत उदाहरण पेश किया। खिलाड़ी मंदिर से आशीर्वाद लेने के बाद सीधे अपने अगले मैच की तैयारियों में जुट गए।