Punjab: सुखपाल खैहरा की जमानत रद्द करने की मांग, दो साल बाद सरकार पहुंची हाईकोर्ट, अदालत ने उठाए सवाल

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पंजाब सरकार ने कांग्रेस नेता सुखपाल खैहरा की जमानत रद्द कराने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट याचिका दायर की है। दो साल बाद दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल खड़े किए हैं।

Two years later Punjab govt approaches High Court seeking cancellation of Sukhpal Khaira bail

पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखपाल सिंह खैहरा को मिली जमानत के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा दायर याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि दो साल बाद आखिर किन नए हालात में जमानत रद्द किए जाने की मांग की जा रही है। सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 30 जनवरी तक स्थगित कर दी है। हालांकि यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह सरकार को दिया गया अंतिम अवसर है।

पंजाब सरकार ने सुखपाल खैहरा को 15 जनवरी 2024 को मिली जमानत को रद्द करने की मांग की है। यह जमानत 4 जनवरी 2024 को कपूरथला जिले के सुभानपुर थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में दी गई थी। सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर हैरानी जताते हुए कहा कि दो साल बाद अब जमानत रद्द करने की मांग क्यों की जा रही है? क्या कोई नया तथ्य या परिस्थिति सामने आई है? अदालत के इन सवालों के सामने सरकार के पास कोई ठोस उत्तर नहीं था। इसके बाद सरकारी वकील ने याचिका पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध कर दिया।

क्या है पूरा मामला
खैहरा के खिलाफ यह एफआईआर वर्ष 2015 के एक एनडीपीएस एक्ट के मामले से जुड़ी है। आरोप है कि उस पुराने मामले में शिकायतकर्ता की पत्नी को धमकाया गया था। उस आरोप को आधार बनाकर 4 जनवरी 2024 को सुभानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। खास बात यह है कि उस समय खैहरा पहले से ही हिरासत में थे। इसके बावजूद कुछ ही दिनों बाद 15 जनवरी 2024 को उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई थी।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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