
संजीव शर्मा के अनुसार, डैश कैमरा लगने से सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी पर रोक लगेगी। वर्तमान में कई वाहन चालक सफारी के दौरान नियमों की अवहेलना कर टाइगर के बहुत करीब वाहन ले जाते हैं। डैश कैमरा होने के बाद इन गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और वाहन चालक निर्धारित दूरी बनाए रखेंगे। अगर कोई चालक नियम तोड़ता है, तो डैश कैमरे की रिकॉर्डिंग के आधार पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रणथंभौर में करीब साढ़े तीन सौ पर्यटक वाहन हैं और आदेश के अनुसार इस जनवरी माह के अंत तक सभी वाहनों में डैश कैमरा लगा दिए जाएंगे। वन्यजीव विशेषज्ञ बालेंदु सिंह ने कहा कि वाहन चालकों को टाइगर से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए और सभी नियमों का पालन करना चाहिए ताकि डैश कैमरा लगाने की आवश्यकता ही न पड़े। वहीं रणथंभौर के गाइडों और वाहन चालकों का कहना है कि डैश कैमरा लगाने से सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर अंकुश लगेगा।
पूर्व में भी वन विभाग ने सफारी वाहनों में जीपीएस लगाए थे ताकि वाहन चालक निर्धारित रूट से बाहर न जा सकें। वन विभाग सभी वाहनों की लगातार मॉनिटरिंग करता है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इसी कड़ी में अब डैश कैमरा लगाने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि टाइगर सफारी के दौरान पर्यटक वाहन चालक नियमों का सही तरीके से पालन करें और सफारी सुरक्षित बनी रहे।