किसान मजदूर मोर्चा का एलान: 18 को अमृतसर में सीएम का विरोध, पांच फरवरी को घेरेंगे मंत्रियों-विधायकों के घर

Picture of NIMRA SALEEM

NIMRA SALEEM

SHARE:

किसान मजदूर मोर्चा के सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार किसानों पर प्रदर्शन का आरोप लगाती है, लेकिन जब खुद सरकार को बैठक के लिए बुलाया गया तो वह पीछे हट गई।

Kisan Mazdoor Morcha announcement Protest against cm in Amritsar on 18th jan

पंजाब सरकार पर शंभू और खनौरी बॉर्डर के आंदोलन को हटाने के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए बातचीत से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए किसान मजदूर मोर्चा ने बड़े आंदोलन का एलान किया है।

मोर्चे के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। पहले 22 दिसंबर, फिर 30 दिसंबर और उसके बाद 7 जनवरी को बैठक तय की गई, लेकिन सरकार बैठक बुलाकर भूल गई।

पंधेर ने सवाल उठाया कि यह पहली बार हुआ है जब सरकार ने बैठक बुलाई और उसमें कोई सक्षम अधिकारी आया। पंधेर ने कहा कि अब जहां-जहां मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और सांसद जाएंगे, वहां उनसे जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को मुख्यमंत्री भगवंत मान अमृतसर आ रहे हैं, जहां उनका विरोध किया जाएगा और उन्हें बैठक का पत्र दिखाकर सवाल पूछे जाएंगे।

इसके अलावा पांच फरवरी को आम आदमी पार्टी के सभी मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव किया जाएगा।  मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के गांवों में आने पर सवाल पूछे जाएंगे। पंधेर ने कहा कि सरकार किसानों पर प्रदर्शन का आरोप लगाती है, लेकिन जब खुद सरकार को बैठक के लिए बुलाया गया तो वह पीछे हट गई।

पंधेर ने बताया कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान को लेकर मुआवजा, शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी, पराली से जुड़े मामलों की वापसी, बिजली संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र को सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। साथ ही उन्होंने विधानसभा में बिजली और बीज बिल पर प्रस्ताव लाकर इन्हें रद्द करने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका समझौते पर राज्य सरकार भी अपनी स्थिति स्पष्ट करे और इसका विरोध करें। किसानों की हालत खराब है, देशभर में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लागत तक नहीं निकल रही। एमएसपी पर कानून बनाने की सिफारिशें होने के बावजूद उन्हें लागू नहीं किया गया। गन्ना किसानों का भुगतान भी जारी नहीं हो रहा है।

मोर्चा नेता ने बताया कि 13 जनवरी को बिजली, बीज बिल, मनरेगा में बदलाव और भारत-अमेरिका समझौते के खिलाफ इनकी प्रतियां जलाई जाएंगी। स्मार्ट मीटरों का विरोध करते हुए 22 फरवरी को स्मार्ट मीटर उतारकर बिजली दफ्तरों में जमा करवाए जाएंगे। किसान मजदूर मोर्चा की राष्ट्रीय इकाई ने 24 और 25 जनवरी को राजस्थान में बैठक बुलाई है, जिसमें आगे के बड़े ऐलान किए जाएंगे।

पंधेर ने कहा कि सरकार नशे के खात्मे के दावे कर रही है, लेकिन न तो जेलें और न ही गांव नशे से मुक्त हैं। कानून व्यवस्था का भी बुरा हाल है। उन्होंने मनरेगा में किए गए बदलाव रद्द करने की मांग की और आरोप लगाया कि नशे के धंधे में विधायक, सरपंच और अन्य नेता भी संलिप्त पाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ हेल्पलाइन नंबर जारी करने से नशा खत्म नहीं होगा। इसके लिए बड़े तस्करों पर कार्रवाई जरूरी है।

NIMRA SALEEM
Author: NIMRA SALEEM

सबसे ज्यादा पड़ गई