श्रीगंगानगर में पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी परमजीत सिंह तनेजा के साथ ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर धोखाधड़ी की। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और CBI अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी कनेक्शन का झूठा आरोप लगाया और परिवार को एनकाउंटर की धमकी दी।

श्रीगंगानगर में पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी परमजीत सिंह तनेजा के साथ ठगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की। ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें डराया-धमकाया और मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवादी कनेक्शन का झूठा आरोप लगाकर करीब 25 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। पीड़ित ने अब साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
25 दिसंबर को ठगों ने फिर कॉल की और मोबाइल बैटरी 50% से नीचे न होने देने को कहा। परमजीत को 16-16 घंटे वीडियो कॉल पर रखा गया, जिससे वे मानसिक दबाव में आ गए। 26 दिसंबर को ठगों ने दूसरा अकाउंट नंबर भेजा, जिसमें परमजीत ने FD तोड़कर 11 लाख 52 हजार रुपये ट्रांसफर किए। कुल ठगी लगभग 25 लाख रुपये हुई।
2 जनवरी 2026 को परमजीत ने ठगों का नंबर मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने परिवार को घटना बताई और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। बाद में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। परमजीत ने कहा कि यह पैसा उनकी रिटायरमेंट की बचत थी, जो जीवनयापन का सहारा थी। साइबर अपराध विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी अनजान कॉल पर कभी पैसे ट्रांसफर न करें। ठग फर्जी दस्तावेज और धमकी से मानसिक दबाव डालते हैं, लेकिन पुलिस या CBI कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती।