अंबरनाथ की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पहले गठबंधन टूटने के बाद अब कांग्रेस को करारा झटका लगा है, जहां पार्टी के 12 पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम से नगर निकाय की सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।

बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पार्षदों के पार्टी में शामिल होने को विकास और स्थिरता की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। उनका कहना है कि पार्षदों ने क्षेत्र के विकास और जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है।
वहीं कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि पार्षदों पर दबाव बनाया गया और राजनीतिक प्रलोभन देकर पार्टी बदलाई गई। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है और कहा है कि जनता इसका जवाब आने वाले चुनावों में देगी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस घटनाक्रम का असर केवल अंबरनाथ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव आसपास के नगर निकायों और आगामी स्थानीय चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है। महाराष्ट्र की नगर निकाय राजनीति में यह बदलाव नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।