PM-CM Removal Bill: संसदीय समिति के सदस्यों ने बुधवार को सवाल पूछा क्या विपक्ष के नेता का पद, जो एक वैधानिक पद है, वो भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को हटाने वाले बिल (130वां संविधान संशोधन बिल 2025) की जांच के दायरे में आता है। इस बिल के तहत प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर अपना पद छोड़ना होगा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद एक महीने तक जमानत न मिलने की स्थिति में पद से हटाने से जुड़े प्रस्तावित कानून को लेकर संसदीय समिति में बुधवार को अहम सवाल उठे। समिति के कई सदस्यों ने जानना चाहा कि क्या नेता प्रतिपक्ष का पद भी इस कानून के दायरे में आएगा? भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश शासन (संशोधन) विधेयक की समीक्षा कर रही है।
बैठक में विधि आयोग के अध्यक्ष दिनेश महेश्वरी, एनएलयू के कुलपति जी.एस. बाजपेयी और नालसार विश्वविद्यालय के कुलपति श्रीकृष्ण देव राव ने अपने विचार रखे। सूत्रों के मुताबिक समिति के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि यदि कोई नेता प्रतिपक्ष गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार होता है और एक महीने के भीतर जमानत नहीं ले पाता, तो क्या उसे भी पद से हटाया जा सकेगा। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष का पद एक वैधानिक पद है।
Author: planetnewsindia
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