जोधपुर के बनाड़ थाना क्षेत्र के जाजीवाल खीचियान गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 47 वर्षीय बेटे ने अपनी ही 75 वर्षीय मां की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसी कमरे में मां के शव के पास चारपाई पर लेटा रहा। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही उसने अपना जुर्म खुद स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 जनवरी की शाम करीब 6 बजे की है। आरोपी ओमप्रकाश ने पहले अपनी मां परमुड़ी देवी के साथ मारपीट की और बाद में रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
घटना का खुलासा तब हुआ जब आरोपी का बेटा सुरेंद्र घर पहुंचा। उसने देखा कि घर का मुख्य गेट अंदर से बंद है। कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका के चलते वह पड़ोसी के घर की छत के रास्ते अपने घर में दाखिल हुआ। अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे में उसकी दादी परमुड़ी देवी चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ी थीं, जबकि उसके पिता ओमप्रकाश पास ही दूसरी चारपाई पर लेटा हुआ था।
गले पर निशान, कान-नाक से बह रहा था खून
मौके पर पहुंचे एसआई त्रिलोक दान ने बताया कि मृतका के गले पर लाल और नीले रंग के स्पष्ट निशान थे। कान और नाक से खून बह रहा था। शव के पास खून से सनी एक रस्सी भी पड़ी मिली। इसके अलावा महिला की ज्वेलरी भी गायब थी। पुलिस को देखते ही आरोपी ओमप्रकाश ने बिना किसी हिचक के कहा, ‘मैंने ही मारा है।’
नशे की लत में मां की ली जान
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि वह नशे का आदी है। पुलिस का मानना है कि नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने पहले मां की हत्या की और फिर उसके जेवर उतारकर छिपा दिए। पुलिस ने बाद में ज्वेलरी बरामद कर ली है।
परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराने से किया इनकार
एसआई त्रिलोक दान ने बताया कि घटना के समय घर में केवल आरोपी और उसकी मां ही मौजूद थे। शुरुआत में परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्वयं संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। सोमवार को एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पत्नी की भी कर चुका है गला घोंटने की कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ दिन पहले आरोपी ओमप्रकाश ने अपनी पत्नी का भी गला दबाने की कोशिश की थी। वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती रही थी और किसी तरह उसकी जान बच पाई थी। आरोपी के दो बेटे हैं, जितेंद्र और सुरेंद्र।