पंजाब के फिरोजपुर में एक ऐसी घटना हुई है, जिसने रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे स्टेशन पर 25 साल के युवक की परिजनों के सामने मौत हो गई। आरोप है कि रेलवे पुलिस ने परिजनों को उनके बेटे को अस्पताल लेकर जाने ही नहीं दिया।

फिरोजपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बीपी लो होने से चक्कर खाकर गिरे 25 वर्षीय सुहेल एंजल की प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। परिजनों ने जीआरपी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाने से रोका, जिससे समय पर इलाज नहीं हो सका।
पीड़ित पिता एंथोनी ने बताया कि सुहेल एम्स बठिंडा में कार्यरत था और हर शनिवार फिरोजपुर आता था। सोमवार सुबह ट्रेन पकड़ने के दौरान प्लेटफार्म पर गिरने पर वह करीब आधे घंटे तक ठंड में पड़ा रहा। वहां मौजूद लोग वीडियो बनाने में लगे रहे और जीआरपी प्राथमिक चिकित्सा नहीं करवा सकी। जब एंथोनी मौके पर पहुंचे, तो बेटे की सांसें चल रही थीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें उठाने नहीं दिया।
काफी मशक्कत के बाद एक्टिवा पर बैठाकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने सुहेल को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने कहा कि यदि 15 मिनट पहले अस्पताल पहुंचाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। एंथोनी ने कहा कि उनके बेटे की शादी होने वाली थी, उसकी मंगनी भी हो चुकी थी। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की है। परिजन और स्थानीय लोग रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।