जासूस किशोर के साथ जुड़ी देश विरोधी युवकों की चेन को पंजाब पुलिस तोड़ने में लगी है। पकड़ा गया किशोर पाकिस्तानी आर्मी के अधिकारियों व आतंकियों को जेएंडके-पठानकोट में तैनात सेना बारे में जानकारी दे रहा था। उसने मोबाइल के जरिये सेना के ठिकानों की वीडियोग्राफी-तस्वीरें खींचकर पाकिस्तान भेजी।

पाकिस्तानी आर्मी के अधिकारियों और आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले 15 वर्षीय संजीव कुमार को पठानकोट पुलिस ने माधोपुर क्षेत्र से दबोच लिया है। जासूस किशोर के पकड़े जाने के बाद जिले में खलबली मची हुई है कि कहीं इसका कोई और साथी या पाकिस्तानी स्लीपर सेल तो एक्टिव नहीं है। कुछ दिनों से पठानकोट के सैन्य ठिकानों की किशोर ने रेकी की और सूचना पाकिस्तानी सेना व आईएसआई को भेज रहा था।
बता दें कि अभी पठानकोट एयरबेस के जख्म भरे नहीं है और एक नया आईएसआई का कांटेक्ट मिल जाना जिले में किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है। हाई अलर्ट के बीच लोगों को बड़ी घटना का डर सताने लगा है क्योंकि पठानकोट चारों तरफ सेना से घिरा है और जेएंडके सीमा व भारत-पाक बॉर्डर भी है।
थाना सुजानपुर की पुलिस गश्त के दौरान पुल नंबर 4 पर मौजूद थी तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि संजीव कुमार (काल्पनिक नाम) निवासी थाना बारी ब्राह्मणा, तहसील और जिला सांबा जेएंडके का रहने वाला है और जम्मू-कश्मीर से आने के बाद पठानकोट के माधोपुर क्षेत्र में घूम रहा है। इसके संबंध देश विरोधी तत्वों और पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों, पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों से हैं।
उसके मोबाइल फोन में भारत में अशांति फैलाने के इरादे से पाकिस्तान में रहने वाले देश विरोधी तत्वों और आतंकवादियों के नंबर हैं। उसके फोन में भारतीय सेना के ठिकानों से संबंधित संवेदनशील जानकारी, फोटो, वीडियो और जासूसी से जुड़ा सामान स्टोर है। यह सूचना विश्वसनीय और देश विरोधी प्रकृति की पाई गई। इसके अनुसार, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पिता की मौत को समझ बैठा मर्डर, इसलिए अपराध की दुनिया चुनी
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि किशोर के पिता की डेढ़ साल पहले विदेश में मौत हो गई थी और उसे वे मर्डर समझ डिप्रेशन में आ गया और उसने अपराध का रास्ता अपनाया। वह आठवीं पास है और 9वीं कक्षा पास नहीं कर पाया। इसके बाद किशोर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भड़काऊ पोस्ट डालने लगा और तभी से आईएसआई ने उससे संपर्क करके उसे अपने साथ जोड़ लिया।
एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि उक्त जासूस किशोर को पकड़ लिया गया है और इसके फोन रिकॉर्ड से पता चला है कि जेएंडके-पठानकोट के सैन्य ठिकानों की वीडियोग्राफी, तस्वीरें खींच पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और आईएसआई को भेजता था। आतंकियों ने किशोर का एक सोशल मीडिया अकाउंट बना रखा था और उसका एक्सेस अपने पास रख दोनों देशों में जासूस का फोन नंबर चला रहे थे।
जासूस के साथ सोशल मीडिया जरिए और भी देश विरोधी युवक पंजाब समेत अन्य राज्यों से जुड़ने लगे और इस चेन को पंजाब पुलिस तोड़ने लग चुकी है। जासूस किशोर कई बार पठानकोट आता-जाता था। इसके मोबाइल की फोरेंसिक जांच हो रही है। पुलिस पता लगा रही है कि इसका पठानकोट के अलावा कहां-कहां संपर्क था।