हिजाब को लेकर चल रहे विवाद के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। महाराष्ट्र के जालना में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जलील ने मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मुस्लिम महिला को गलत नीयत से छूने की कोशिश करता है, तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

यह बयान हाल ही में सामने आए हिजाब विवाद के बाद आया है, जिसमें सार्वजनिक जीवन से जुड़े कुछ नेताओं की टिप्पणियों को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। इम्तियाज जलील ने अपने भाषण में कहा कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ी बातों पर किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदार बयानबाजी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
सभा के दौरान जलील ने कथित तौर पर उन राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा, जो खुद को सेक्युलर बताते हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ते देखने से कुछ ताकतें असहज हो जाती हैं और इसी वजह से AIMIM को लगातार निशाने पर लिया जाता है।
इम्तियाज जलील फिलहाल आगामी नगर निकाय चुनावों के मद्देनज़र पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। जहां समर्थक इसे महिलाओं की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने बयान को उकसाने वाला करार दिया है। हिजाब विवाद के बीच दिया गया यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।