महाराष्ट्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर खामियों को उजागर किया है। एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए लगभग 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, लेकिन लंबी दूरी और अत्यधिक थकान के कारण उनका ब्लड प्रेशर (BP) अचानक बढ़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, महिला के पास अस्पताल तक पहुँचने का कोई अन्य विकल्प नहीं था और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उचित चिकित्सा सहायता न मिलना और अव्यवस्था इस तरह की त्रासदी का मुख्य कारण बनती है।
इस घटना ने प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था सुधारने और सड़क मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने होंगे।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।